पुलिस अधिकारी ने मरीज को अस्पताल पहुंचाया, अपनी जेब से भरा 20 हजार का बिल


तेलंगाना के एक पुलिस अधिकारी ने लॉकडाउन के दौरान वहां फंसे हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति की ऐसी मदद की जो मिसाल बन गई. उन्होंने न सिर्फ बीमार को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, बल्कि अपनी जेब से 20 हजार रुपये के बिल का भुगतान भी किया. कुकटपल्ली डिविजन के इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस लक्ष्मीनारायण रेड्डी के इस काम के लिए हिमाचल प्रदेश के ​मुख्यमंत्री ने भी उन्हें धन्यवाद दिया है.

बीते 16, अप्रैल को डीजीपी कोविड 19 कंट्रोल रूम में एक कॉल रिसीव हुई कि कुकटपल्ली डिवीजन में किसी दूसरे राज्य का कोई व्यक्ति फंसा हुआ है और उसे मेडिकल संबंधी मदद चाहिए. कंट्रोल रूम ने यह सूचना कुकटपल्ली पुलिस के पास भेज दी.

वहां यह मामला इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस लक्ष्मीनारायण रेड्डी के पास आया. उन्हें पता चला कि ललित कुमार अपेंडिक्स के दर्द से परेशान हैं और उन्हें तत्काल मेडिकल संबंधी मदद चाहिए. ललित कुमार के पास अपना इलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे. ऐसे में इस पुलिस अधिकारी ने न केवल उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, बल्कि अपनी जेब से 20 हजार के बिल का भुगतान भी किया.

अधिकारी के इस काम की सूचना हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यालय तक पहुंची और मुख्यमंत्री ने फोन करके अधिकारी को धन्यवाद दिया. मुख्यमंत्री के कार्यालय ने लक्ष्मीनारायण रेड्डी के लिए एक सराहना पत्र भेजा है.

एक विनम्र अधिकारी की पहचान वाले रेड्डी ने कहा, "मैंने तो सिर्फ अपने पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार के आदेशों का पालन किया है, जो हर बैठक में हमें याद दिलाते हैं कि राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति का जीवन हमारी जिम्मेदारी है, चाहे वे कहीं से भी हों".

साइबराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने लक्ष्मीनारायण रेड्डी के मानवीय कार्य की सराहना की और पुलिस जवानों से अपील की है कि इस मुश्किल वक्त में अपनी ड्यूटी कॉल से परे जाकर प्रदर्शन करें.