भारत को मिला जी20 देशों का साथ, मिलकर बनाएंगे कोरोना के खात्मे का हथियार

देश में कोरोना मरीजों की संख्या 17 हजार के पार पहुंच चुकी है, जबकि 547 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं है. फिलहाल सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना की वैक्सीन है. हालांकि अब भारत वैक्सीन को लेकर जी-20 देशों के साथ मिलकर काम करेगा.
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए हर तरह से सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि लोगों की पहल से दूसरे देशों से भारत की स्थिति काफी ठीक है. पहले 3.4 दिन में मरीज दोगुने हो रहे थे, अब 7.5 दिन में मरीज दोगुने हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले 14 दिनों में 23 राज्यों के 59 जिलों में एक भी केस सामने नहीं आया है. गोवा में कोई भी एक्टिव केस नहीं है. 19 अप्रैल तक 18 राज्यों में डबलिंग रेट कम हुआ है. लव अग्रवाल ने कहा कि जयपुर, इंदौर, पुणे, कोलकाता व अन्य कुछ शहरों में स्थिति गंभीर है. महाराष्ट्र में राज्य सरकार के साथ मिलकर हमारी तीन टीमें काम कर रही हैं, बाकि अन्य जगहों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है.
लॉकडाउन के हालात की पूरी निगरानी
ICMR के मुताबिक, एक केस के लिए रैपिड टेस्ट नहीं किया जा सकता है. रैपिड टेस्ट निगरानी के लिए है. 100 मरीज में 80 में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. इधर, गृह मंत्रालय ने कहा है कि हॉटस्पॉट एरिया की मॉनिटरिंग के लिए राज्य सरकारों से टीम मदद ले.
कुछ जिलों में लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले मिले हैं, जहां राज्यों की मदद से कार्रवाई की जाएगी. लॉकडाउन के हालात की पूरी निगरानी की जा रही है. साथ ही पीएम फसल योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद की जाएगी.
बता दें कि भारत में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 17656 हो गई है. अब तक 559 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2842 लोग ठीक हो गए हैं. कोरोना के सबसे ज्यादा संक्रमित मामले महाराष्ट्र में हैं.