दिल्ली हिंसा के पीड़ितों को आज से मुआवजा देगी केजरीवाल सरकार


दिल्ली हिंसा के बाद से हालात सामान्य करने की कोशिश लगातार जारी है. इस हिंसा में 41 लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के हालात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि शनिवार को पूरे दिन कहीं से भी किसी प्रकार की हिंसा की खबर नहीं आई है. हालांकि कई लोग इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए हैं.

वहीं हिंसा में अब तक दिल्ली पुलिस अब तक कुल 167 FIR दर्ज कर चुकी है. वहीं आर्म्स एक्ट में कुल 36 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा पुलिस ने अब तक कुल 885 लोगों को पकड़ा है, जिनमें से कुछ गिरफ्तार और कुछ लोग हिरासत में हैं.

आज से मिलेगा मुआवजा

केजरीवाल ने बताया कि प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या जानने के लिए कुल चार सब डिवीजन में 18 सब डिविजनल मजिस्ट्रेट को काम पर लगाया गया है. ये सभी अपने-अपने इलाकों में नुकसान का सही अनुमान लगा रहे हैं.

सीएम केजरीवाल ने सभी एसडीएम के साथ मीटिंग कर हिंसा ग्रस्त पीड़ितों की पहचान करने और घटना की तस्दीक करने के बाद उचित मुआवजा देने की बात कही है. सीएम ने कहा कि अभी किसी को खाने की दिक्कत नहीं है. कई लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों के यहां जा चुके हैं और अन्य के इंतजाम नाइट शेल्टर में किये जा रहे हैं. एसडीएम लोगों को खुद फोन करके बुलाएं और सुरक्षा की गारंटी दें.

उन्होंने आगे कहा, 'अब तक 69 लोगों ने अनुदान राशि के लिए आवेदन किया है. इन सभी लोगों को रविवार तक 25,000 रुपये की मुआवजा राशि दे दी जाएगी.'

बता दें, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि अगर किसी व्यक्ति का घर पूरा या आधा जल गया है तो उन्हें 25,000 रुपये की सहायता राशि दिल्ली सरकार की तरफ से दी जाएगी.

केजरीवाल ने आगे कहा, 'हिंसा के दौरान टूटे सभी स्ट्रीट लाइट की लिस्ट तैयार कर ली गई है, उन्हें जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा. दंगे के दौरान किसी भी सरकारी स्कूल को नहीं जलाया गया है. फेक वीडियो और संदेशों की वजह से ऐसे हालात पैदा हुए.'

सरकार ने किया रैन बसेरों का इंतजाम

उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभाग के साथ शनिवार को रिव्यू बैठक की गई. आज हिंसा की कोई खबर नहीं है. हमारी प्राथमिकता राज्य में सामान्य हालात बहाल करने की है. जिन लोगों के घर हिंसा के दौरान जले हैं उनके रहने के लिए फिलहाल रैन बसेरा में प्रबंध किया गया है.

वहीं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि लाल बाग के इलाके में एक स्कूल जला है. सभी सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स और एसएमसी मेंबर्स की मीटिंग के बाद, गृह परीक्षाएं 7 तारीख तक आगे बढ़ा दी गई हैं. सीबीएसई से गुजारिश की गई है कि इलाके में छात्रों की पढ़ाई लिखाई हिंसा की वजह से प्रभावित रही लिहाजा वह भी अपने एग्जाम को आगे बढ़ा दे. कोई गवर्नमेंट स्कूल नही जला.

जिन्होंने हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की उन्होंने समाज के सामने भारत की स्पिरिट को जिंदा रखा है. इसे हम समाज के सामने बड़े स्तर पर लाएंगे.