गणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को इस समय कर्तव्य पथ पर देश की आन-बान-शान का अभूतपूर्व प्रदर्शन शुरू है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य अतिथि द्वय सलामी मंच पर मौजूद हैं। गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) पर पहुंचने के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने वहां मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री के पुष्पचक्र चढ़ाने के बाद सलामी की औपचारिकता के बाद 'लास्ट पोस्ट' की दिल को छू लेने वाली धुन हवा में गूंजी। इस दौरान शहीद सैनिकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया । इसके बाद, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति परेड देखने के लिए कर्तव्य पथ पर सलामी मंच की ओर बढ़ गए। इस समारोह का नेतृत्व कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर रही हैं। समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी सलामी मंच पर मौजूद हैं।
राष्ट्रपति भवन से लेकर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तक फैले कर्तव्य पथ को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष, भारत की अभूतपूर्व प्रगति, मजबूत सैन्य शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी के अविस्मरणीय संगम को प्रस्तुत करने के लिए सजाया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के आगमन के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। 'विविधता में एकता' थीम पर 100 सांस्कृतिक कलाकार परेड की शुरुआत की। 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 1वी हेलीकॉप्टर ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियों की की गई। राष्ट्रीय ध्वज को लेकर, हेलीकॉप्टरों के इस प्रदर्शन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया। राष्ट्रपति के सलामी लेने के साथ परेड शुरू हुई। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार परेड की कमान संभाली हुई है। मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों परेड के सेकंड-इन-कमांड हैं। वो तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी हैं।

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