T20 वर्ल्ड कप: महिला दिवस पर इतिहास रचने की तैयारी में भारत की बेटियां


अपराजित और बेखौफ खेल रहीं भारतीय महिला टीम के सामने पहली बार आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप का खिताब जीतने का लक्ष्य है. रविवार को हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी. भारतीय टीम पहली बार टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है और खिताब के लिए उसका सामना एक ऐसी टीम से होने जा रहा है, जो चार बार की चैम्पियन रह चुकी है. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 12.30 बजे से खेला जाएगा.

ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े मैच के दबाव से निपटने में काफी माहिर है, लेकिन भारत भी पहले मैच की जीत से आत्मविश्वास से लबरेज होगा. भारतीय टीम इससे पहले तक अब तक तीन बार 2009, 2010 और 2018 में सेमीफाइनल में पहुंची थी.

हाल के समय में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छी शुरुआत की है और उसने टी-20 विश्व कप 2020 संस्करण के पहले मैच में ही ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से मात दे चुकी है.

फाइनल में अब टॉस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. भारत को ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ एक मुश्किल लक्ष्य निर्धारित करना होगा. टूर्नामेंट में भारतीय युवा खिलाड़ी बहुत अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन सीनियर्स में कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना को बड़ी जिम्मेदारी लेनी होगी. कप्तान हरमनप्रीत का आज जन्मदिन है. वह 31 साल की हो गईं. और वह निश्चित रूप से अपने जन्मदिन को यादगार बनाना चाहेंगी.

दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई टीम गेंदबाजी आक्रमण में बहुत सटीक है. एलिस पेरी मैच से बाहर हैं, लेकिन मेगान स्कट, पूनम यादव के साथ नौ विकेट के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं, जिसमें भारतीय टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को पछाड़ने की क्षमता है.

हरमनप्रीत की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम 2009 के वनडे विश्व कप (सिडनी, सुपर सिक्स मैच) से प्रेरणा ले सकते हैं, जब विकेटकीपर अनघा देशपांडे ने सात चौके जड़कर पहली बार ऑस्ट्रेलियाई मानसिकता को हिला दिया था. उस मैच में अंजुम चोपड़ा ने 76 रनों की पारी खेलकर टीम को 16 रनों से मैच जिताने में अहम योगदान दिया था.