AIMIM नेता वारिस पठान को भारी पड़ी बदजुबानी, भड़काने-नफरत फैलाने के आरोप में FIR


ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन(AIMIM) नेता वारिस पठान के खिलाफ कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. वारिस पठान ने एक विवादित बयान में कहा था कि हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं. नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा के दौरान वारिस पठान ने विवादित बयान दिया था.

वारिस पठान के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता(IPC) की धारा 117, 153(दंगा फैलाने के लिए भड़काना) और धारा 153ए(दो समूहों में नफरत फैलाना) के तहत केस दर्ज किया गया है.

19 फरवरी को नागरिका कानून(सीएए) के खिलाफ एक रैली में वारिस पठान ने कहा था कि यह समय आ गया है कि हम एकजुट हो जाएं और आजादी लें. याद रखें, हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी पड़ सकते हैं.  उनके इस बयान की सबने कड़ी आलोचना की थी.

वारिस पठान के भाषण पर लगी रोक

वारिस पठान के भड़काऊ बयान पर पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक्शन लिया है. बयान के बाद पार्टी को लगी चौतरफा पटकार के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने वारिस पठान के मीडिया से बात करने पर रोक लगा दी है. अब जबतक पार्टी इजाजत नहीं देगी तबतक वारिस पठान सार्वजनिक रूप से बयान नहीं दे पाएंगे.

वारिस पठान AIMIM के प्रवक्ता हैं और हिन्दी पट्टी में पार्टी का जाना-माना चेहरा हैं. रैली में वारिस पठान बोले थे 'हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है. मगर हमको इकट्ठा होकर चलना पड़ेगा. आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसको छीन लिया जाता है.’

वारिस पठान ने नहीं मांगी है माफी

जब बयान पर विवाद बढ़ा तो वारिस पठान ने सफाई दी लेकिन माफी मांगने से इनकार कर दिया. वारिस पठान ने कहा कि मैंने देश और किसी धर्म के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है . सीएए के खिलाफ हर धर्म के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. बीजेपी के नेता तो गोली मारने की बात तक कहते हैं. बीजेपी देश के लोगों को अलग करना चाहती है. लोगों को समझना जरूरी है. मैं अपने बयान पर माफी नहीं मांगूंगा.

बीजेपी की मांग- बैन हो AIMIM

योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने असदुद्दीन ओवैसी को कड़ी फटकार लगाई थी. मोहसिन रजा ने कहा था कि ओवैसी और उनके प्रवक्ता जिस तरीके से नफरत फैला रहे हैं, जिस तरीके से इनके मंच का इस्तेमाल भारत विरोधी नारों और गतिविधियों के लिए हो रहा है , यह साफ हो गया है कि इनका मकसद क्या है. जिस तरीके से इनके बुजुर्गों ने पाकिस्तान बनवाया और देश का बंटवारा किया और अब देश तोड़ने में लगे हैं, मेरी मांग है कि इन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो और इनकी पार्टी बैन की जाए.