मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर तमिलनाडु के किसान ने बनवाया मोदी मंदिर


केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत अन्य कृषक हितैषी नीतियों से प्रभावित होकर तमिलनाडु के एक किसान ने अपनी जमीन में पीएम नरेंद्र मोदी का मंदिर बनवाया है. इसमें रोजाना आरती होती है.

लोगों के स्वागत के लिए पारंपरिक कोलम भी बनबाया गया है

तिरुचिरापल्ली से करीब 63 किलोमीटर दूर इराकुडी गांव निवासी 50 वर्षीय किसान पी. शंकर द्वारा बनवाए गए इस मंदिर का उद्घाटन पिछले ही सप्ताह हुआ है. आठ वर्गफीट के इस मंदिर में टाइल्स लगी हुई हैं और लोगों के स्वागत के लिए पारंपरिक कोलम (रंगोली) भी बनाई गई है. इसके निर्माण पर करीब 1.2 लाख रुपये की लागत आई है.

प्रतिमा में मोदी के पसंदीदा स्टाइल का चश्मा, सफेद बाल व दाढ़ी का खयाल रखा गया

पीएम मोदी की प्रतिमा के निर्माण में उनकी स्टाइल का पूरा ध्यान रखा गया है. प्रतिमा में मोदी के पसंदीदा स्टाइल का चश्मा, सफेद बाल व दाढ़ी का पूरा खयाल रखा गया है। तिलकधारी इस मूर्ति के कुर्ते का रंग गुलाबी है और उसे ब्ल्यू रंग का शॉल ओढ़ाया गया है. मूर्ति के दोनों तरफ परंपरागत दीये जलाए गए हैं.

केंद्र सरकार की योजनाओं से मिली प्रेरणा

शंकर ने बताया, 'अय्या (प्रधानमंत्री मोदी के लिए सम्मानजनक संबोधन) के मंदिर का निर्माण कार्य आठ महीने पहले ही पूरा हो जाता. अभाव के कारण इसे तत्काल पूरा नहीं कर सका.' यह पूछे जाने पर कि मोदी मंदिर बनाने की प्रेरणा कहां से मिली तो शंकर ने कहा, 'मुझे केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिला और इसके कारण मैं प्रधानमंत्री को पसंद करता हूं. मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2,000 रुपये मिले। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कनेक्शन मिला और घर में शौचालय भी बन पाया. मैं उनके व्यक्तित्व का लंबे समय से प्रशंसक हूं.'

मंदिर निर्माण करने वाले किसान से भाजपा में शामिल होने का किया आग्रह

भाजपा के तिरुचिरापल्ली के जोनल प्रभारी और राष्ट्रीय कार्यपरिषद सदस्य ला कन्नन ने कहा कि शंकर उनकी पार्टी का सदस्य नहीं हैं. हमने पीएम मोदी के मंदिर निर्माण की खबर सुनने के बाद पार्टी पदाधिकारियों को किसान से मिलने के लिए भेजा. हमने उनसे भाजपा में शामिल होने का आग्रह किया है.

प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करता हूं

शंकर ने कहा, 'चूंकि मैं प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करता हूं, इसलिए भाजपा में शामिल होने पर हां कर दी है. अब मेरी इच्छा है कि मंदिर के लिए कुंभिषेकम का आयोजन किया जाए.' उन्होंने कहा कि अक्टूबर में पीएम मोदी और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान वह मामल्लपुरम भी गए थे. उन्होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी से नहीं मिल सका, लेकिन दूर से ही उनकी छवि देखकर खुश हूं.'

शंकर ने बताया कि मैंने संघर्ष की बदौलत खुद को खड़ा किया है. खाड़ी देश में संघर्ष के बाद मैंने गांव में जमीन खरीदी. मंदिर में महात्मा गांधी, कांग्रेस नेता के. कामराज, अन्नाद्रमुक दिग्गज एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता, गृहमंत्री अमित शाह तथा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की तस्वीरें भी लगी हुई हैं.