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कश्मीर में सोमवार से बहाल होंगी सभी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं


श्रीनगरः कश्मीर घाटी में लगातार 69 दिन से लगी पाबंदियों में बड़ी ढील देते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को घोषणा की कि करीब 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार दोपहर से बहाल हो जाएंगी. जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव और प्रवक्ता रोहित कंसल ने यहां राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित संवाददाता सम्मेलन में यह एलान किया. हालांकि, 20 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन और मोबाइल तथा अन्य इंटरनेट सेवाएं फिलहाल बंद रहेंगी. 
केन्द्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद से ही घाटी में पाबंदियां जारी हैं. दो नए केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर से सृजित हो जाएंगे. कंसल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात की समीक्षा करने के बाद प्रदेश के सभी बाकी इलाकों में मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करने का फैसला लिया गया. 
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में एक बयान पढ़ते हुए कहा, विशिष्ट तौर पर सभी पोस्टपेड मोबाइल फोन चाहे वे किसी भी दूरसंचार सेवा प्रदाता के हों, उन्हें बहाल कर दिया जाएगा और ये सोमवार 14 अक्टूबर 2019 को दोपहर 12 बजे से चालू हो जाएंगे. कंसल ने कहा कि यह फैसला कश्मीर प्रांत के सभी 10 जिलों के लिए है. जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद लागू की गई पाबंदियों को खत्म करने के लिए हाल के हफ्तों में उठाए गए कदमों के सिलसिले में यह घोषणा की गई. राज्य को दो दिन पहले पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था. शैक्षिक संस्थान भी खोल दिए गए लेकिन छात्रों की उपस्थिति न के बराबर है. मोबाइल फोन सेवाएं बंद होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतें हुई और इसे बहाल करने का एलान संपर्क अवरुद्ध खत्म करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है. कंसल ने कहा, इस घोषणा से पर्यटक फोन संपर्क के अभाव के बिना राज्य की यात्रा कर सकेंगे, छात्र स्कूल जाते समय माता-पिता के संपर्क में रह सकेंगे, कारोबारी उपभोक्ताओं के संपर्क में रह सकेंगे, ट्रांसपोर्टर ग्राहकों के संपर्क में रह सकेंगे और ठेकेदार अपने कर्मचारियों के संपर्क में रह सकेंगे.
 कंसल से यह भी पूछा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत नेता और कार्यकर्ता कब रिहा किए जाएंगे. इस पर उन्होंने कहा, मैं इस पर जोर देता रहा हूं और यह बता रहा हूं कि पांच अगस्त के बाद के घटनाक्रमों और सुरक्षा का मुआयना करने के बाद कुछ कदमों की जरूरत हुई जिनमें नेताओं को हिरासत में लेना शामिल था. उन्होंने कहा, कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद स्थानीय स्तर पर ये फैसले लिए. हिरासत की लगातार समीक्षा की गई और अगर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया तो कुछ लोगों को रिहा भी किया गया. उन्होंने कहा, यह गतिशील प्रक्रिया है. सुरक्षा हालात का गतिशील तरीके से मुआयना किया जाता रहेगा. यह प्रक्रिया चलती रहेगी.  
मोबाइल फोन सेवाएं शनिवार को बहाल होनी थी लेकिन आखिरी वक्त पर कुछ तकनीकी दिक्कत आने के कारण इसे टाल दिया गया. आंशिक रूप से 17 अगस्त को लैंडलाइन सेवाएं बहाल की गईं थीं और चार सितम्बर को इसे पूरी तरह बहाल कर दिया गया था.