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ATM से ट्रांजैक्‍शन फेल होने पर बैंक आपको देंगे पेनल्‍टी, जानिए क्‍या हैं नये नियम


अगर आप एटीएम से पैसा निकालने जाते हैं और इस दौरान खाते से पैसा कट जाता है, लेकिन एटीएम से पैसा बाहर नहीं आता तो इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. या फिर अगर आप किसी के खाते में पैसा भेजते हैं और आपके खाते से पैसा कट जाता है, लेकिन सामने वाले के खाते में पैसा नहीं पहुंचता है तो भी आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों की फेल्ड ट्रांजैक्शन की शिकयतों को ध्यान में रखते हुए टर्न अराउंड टाइम (TAT) एक निश्चित समयावधि तय की है. इस नियम के तहत अगर किसी ग्राहक का ट्रांजैक्शन फेल्ड हो जाता है तो बैंक एक निश्चित समयाव​धि में उसका सेटलमेंट करेंगे और अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो बैंक ग्राहकों को मुआवजा देंगे.

RBI ने लेनदेन को आठ अलग-अलग वर्गों में बांटा है, इनमें एटीएम से लेनदेन, कार्ड लेनदेन, तत्काल भुगतान प्रणाली, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और प्रीपेड कार्ड शामिल हैं. नए नियम के तहत ट्रांजैक्शन के बाद से 5 दिन में खाते में पैसा वापस लौटाना होगा. अगर पैसा तय समयावधि में नहीं पहुंचता है तो ग्राहक को 100 रुपए रोजाना हर्जाना मिलेगा. जिन ग्राहकों को TAT के तहत शिकायत का समाधान नहीं होता है वे बैंकिंग लोकपाल को शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

ATM ट्रांजैक्शन के नियम: अगर एटीएम (ATM) ट्रांजैक्शन में खाते से पैसा कट जाता है, लेकिन कैश नहीं निकला तो ट्रांजैक्शन के बाद से 5 दिन में अकाउंट में पैसा लौटाना होगा. अगर 5 दिन ( T+5) से ज्यादा वक्त लगता है तो ग्राहक हर्जाने का हकदार होगा और रोज 100 रुपये के हिसाब उसे हर्जाना मिलेगा.

IMPS से करते हैं ट्रांजैक्शन: अकाउंट से पैसे कटे लेकिन रिसीवर के खाते में नहीं पहुंची तो ट्रांजैक्शन के एक दिन बाद तक पैसा वापस करना होगा. पैसा वापस नहीं आने के केस में दूसरे दिन से 100 रु हर्जाना देना होगा.

कार्ड से कार्ड में ट्रांसफर पर: मान लीजिये एक कार्ड से पैसा कट गया, लेकिन दूसरे कार्ड मे पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ तो ऐसे केस में ट्रांजैक्शन के बाद अधिकतम 1 दिन (T+1) में रिवर्सल ट्रांजैक्शन के बाद दूसरे दिन से 100 रुपए रोजाना हर्जाना लगेगा.