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झारखंड विधानसभा चुनाव में रांची शिफ्ट हो रही बिहार की सियासत, अलग-अलग राह पर BJP-JDU


झारखंड में सत्ता की लड़ाई के दिन करीब आ गए हैं. विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के एलान के पहले बिहार के नेताओं का रांची आना-जाना बढ़ गया है. माना जा रहा है कि मतदान की तिथियों के एलान के साथ ही बिहार की लड़ाई भी पूरी तरह पड़ोसी राज्य झारखंड की राजधानी रांची में शिफ्ट हो जाएगी. खास बात यह भी है कि बिहार में राष्‍ट्रीय जनतंत्रिक गठबंधन (NDA) में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) व जनता दल यूनाइटेड (JDU) झारखंड में अलग-अलग रास्‍ते तलाश रहे हैं.

गठबंधन व सीटों पर बातचीत के लिए कम समय

पिछली बार चुनाव आयोग ने 25 अक्टूबर को झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी थी. यदि इस बार भी ऐसा हुआ तो सहयोगियों की तलाश, गठबंधन पर बातचीत और सीटों की हिस्सेदारी तय करने के लिए अब केवल महीने भर बाकी रह गए हैं. ऐसे में बिहार की भी सियासत झारखंड के मिजाज से ही आगे बढ़ रही है.

जेडीयू को राष्‍ट्रीय पार्टी के दर्जा की उम्‍मीद

जेडीयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने की ओर बढ़ रहे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने झारखंड से उम्मीदें पाल रखीं हैं. झारखंड में जेडीयू व बीजेपी की राहें अलग-अलग हैं. बीजेपी ने वहां अपने वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव (Nand Kishore Yadav) को सह प्रभारी बना दिया है.

राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को भी अपनी खोई जमीन की तलाश है. कांग्रेस (Congress) के भी कई नेताओं के झारखंड से करीबी रिश्ते हैं. ऐसे में बिहार के चारों बड़े दलों के नेताओं ने झारखंड के फेरे बढ़ा दिए हैं.

तेजस्वी यादव ने दो दिनों से झारखंड के देवघर और गोड्डा में डेरा डाल रखा है. गठबंधन (Alliance) और प्रत्याशी (cabdidate) तय होने से पहले ही संकल्प यात्राएं शुरू कर चुके हैं. रांची जेल में रहते हुए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) भी अपने खेमे के लिए वैचारिक स्तर पर लगातार सक्रिय हैं.

जेडीयू को नए साथी की तलाश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) खुद पिछले दो महीने में तीन बार झारखंड जाकर जेडीयू को जागृत कर आए हैं. झारखंड में जेडीयू की राह बीजेपी से अलग है। इसलिए नए साथी की तलाश है. झारखंड विकास मोर्चा (Jahrjkand Vikash Morcha) अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी (Babu Lal Marandi) से तालमेल की संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने कुछ विधानसभा सीटों का चयन भी कर लिया है. वहां कार्यकर्ता सम्मेलन और जन भावना यात्रा का आयोजन भी शुरू कर दिया है.

दायरा बढ़ाने की जुगत में एलजेपी

बिहार में बीजेपी के साथ तालमेल करके लोकसभा चुनाव लड़ चुकी और केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) भी अपने लिए झारखंड में संभावनाएं तलाश रही है. हुसैनाबाद से चुनावी सभा की शुरुआत भी हो चुकी है. रामविलास पासवान (Ram Vilas paswan) अपने पुत्र चिराग पासवान (Chirag Paswan) के लिए दायरा बढ़ाने की जुगत में हैं.

मांझी भी नहीं रहना चाहते पीछे

बिहार में घोषित उपचुनाव में नाथनगर की सीट पर अचानक और अकेले सक्रिय हो चुके हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) प्रमुख जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) भी पीछे नहीं रहना चाहते हैं. पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान (Danish Rijwan) का दावा है कि मांझी जी बात बढ़ा रहे हैं. सहयोगी तलाश रहे हैं। इधर या उधर...कहीं भी जगह मिलेगी तो चूकेंगे नहीं.