अन्नपूर्णा योजना का 11 पन्नों वाला फॉर्म जारी, जमीन से लेकर बैंक खाते तक देनी होगी पूरी जानकारी


कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के लिए 11 पन्नों का विस्तृत आवेदन फॉर्म जारी कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने तीन हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न में आयोजित पत्रकार वार्ता में फॉर्म जारी करते हुए कहा कि आवेदन प्रक्रिया एक जून से शुरू होकर अगले तीन महीने तक चलेगी। हालांकि योजना पाने के लिए क्या-क्या देना होगा यह स्थिति स्पष्ट नहीं थी जो रात को विस्तृत फॉर्म जारी होने के बाद स्पष्ट हुई।

सरकार की ओर से जारी फॉर्म में आवेदक और उसके पूरे परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, जन्मतिथि, पता, आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर देना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा परिवार के सभी सदस्यों का नाम, संबंध, आधार विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारी भी भरनी होगी।

फॉर्म में परिवार के प्रत्येक वयस्क सदस्य के बैंक खाते की जानकारी भी देनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाते के साथ आधार लिंक होना जरूरी है। साथ ही सभी सदस्यों के वोटर कार्ड नंबर, विधानसभा क्षेत्र और पार्ट नंबर की जानकारी भी मांगी गई है। यदि परिवार के पास डिजिटल राशन कार्ड है तो उसकी पूरी जानकारी भी फॉर्म में दर्ज करनी होगी।

अन्नपूर्णा योजना के आवेदन में संपत्ति से संबंधित जानकारी भी अनिवार्य की गई है। आवेदक को बताना होगा कि परिवार के पास पक्का मकान है या नहीं, कितनी जमीन है तथा जमीन के म्यूटेशन और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज भी जमा करने होंगे। परिवार के किसी सदस्य के नाम चार पहिया वाहन होने की जानकारी भी देनी होगी।

इसके अलावा फॉर्म में यह भी पूछा गया है कि परिवार पहले से किसी राज्य सरकारी योजना का लाभ ले रहा है या नहीं। स्वास्थ्य बीमा, पैन कार्ड, पेशा और आय से संबंधित दस्तावेज भी जमा करने होंगे। परिवार के प्रत्येक सदस्य की शैक्षणिक योग्यता का विवरण और उससे जुड़े प्रमाणपत्र भी आवेदन के साथ देने होंगे। सरकार ने परिवार की वार्षिक आय, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ, सीएए के तहत नागरिकता आवेदन, एसआईआर में नाम हटने और ट्राइब्यूनल में आवेदन जैसी जानकारियां भी फॉर्म में शामिल की हैं। परिवार के बच्चों के स्कूल का नाम और टीकाकरण से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से भरा जा सकेगा। जो लोग स्वयं फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनकी सहायता के लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर मदद करेंगे। विधायकों को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस विस्तृत फॉर्म के जरिए परिवारों का पूरा सामाजिक और आर्थिक डाटा तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं में भी इसका उपयोग किया जा सके। विपक्ष और कई लोगों का मानना है कि इतने अधिक दस्तावेज और जानकारी मांगे जाने से आम लोगों को आवेदन भरने में कठिनाई हो सकती है।

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