West Bengal Election: शुभेंदु अधिकारी सहित कई दिग्गजों की साख दांव पर, पहले चरण में तय होगा सियासी रुख


कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है. इस चरण में राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधा और तीखा मुकाबला माना जा रहा है. हालांकि, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी अलग-अलग लड़ते हुए कई सीटों पर मुकाबले को दिलचस्प बना रही हैं.

पहले चरण की सीटों का पूरा गुणा-गणित 
पश्चिम बंगाल के पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग है, जिसमें उत्तर बंगाल की कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा इलाके की सीटें है. इसी तरह जंगलमहल और दक्षिण बंगाल की पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर का हिस्सा (नंदीग्राम समेत), बीरभूम और मुर्शिदाबाद सीटों पर वोटिंग है.

पहले चरण को बेहद अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर दिग्गज नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. यही चरण यह संकेत भी देगा कि जनता का रुझान इस बार किस दिशा में जा रहा है. इस चुनाव में कई अनुभवी और चर्चित नेता अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं-  शुभेंदु अधिकारी, अधीर रंजन चौधरी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक और उदयन गुहा, हुमायूं कबीर, जाकिर हुसैन, कृष्णा कल्याणी, सुब्रत दत्ता चर्चा में हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदाताओं और मतदान केंद्रों की संख्या में पिछली तुलना में बदलाव किया गया है. आयोग ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा और अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं, ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके.

2021 के चुनाव में क्या रहा था हाल
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी. भाजपा मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी. वहीं कांग्रेस, माकपा और आईएसएफ का गठबंधन बुरी तरह विफल रहा था. राज्य के इतिहास में पहली बार कांग्रेस और माकपा का खाता तक नहीं खुल पाया था, जबकि आईएसएफ को सिर्फ एक सीट मिली थी.

सबसे चर्चित मुकाबला नंदीग्राम में हुआ था, जहां शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी अंतर से हराया था. हालांकि बाद में ममता ने भवानीपुर सीट से जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा. पहले चरण की वोटिंग अब यह तय करेगी कि क्या तृणमूल अपनी मजबूत पकड़ बनाए रख पाएगी या भाजपा एक बार फिर बड़ा सियासी झटका देने की स्थिति में है.

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