Jharkhand Lockddown: अनलॉक दर अनलॉक झारखंड में हेमंत सरकार एक-एक बरसा रही राहत, कब आएगी कोचिंक शिक्षकों और पुजारियों की बारी

मंदिर में जाकर पूजा पाठ करने से मन को जो शांति मिलती है उसकी कोई सानी नहीं है। अपनी आस्था के अनुसार सभी मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और करना भी चाहते है। लेकर कोरोना बीच में रूकावट बन कर अड़ी है। भगवान की पूजा करना हिंदू धर्म में अत्यंत अधिक महत्‍व है। ऐसा माना गया है कि पूजा करने से शुभ फल प्राप्‍त होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए सावन महीने में धनबाद के शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की कतार लगी रहती है। पूजा करने से मन को शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। लेकिन इन दिनों कोरोना के कारण शहर के मंदिरों का कपाट बंद किए है। इसे खोलने केे लिए पुजारियों केे साथ भक्तों को भी अभी इंतजार है। बताया जाता है कि जिस प्रकार अनलाक होने पर धीरे-धीरे सभी दुकाने, माल आदि खुलने की अनुमति दी जा रही है। उसी प्रकार मंदिरों को भी खोलने का आदेश दिया जाए। 

भूईफोड़ मंदिर में सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां दूर-दूर से व्रत रखकर पूजा अर्चना करने आते हैं। इसलिए अगले अनलाक में मंदिर को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर से ही पूजा कर वापस जाना ना पड़े।

-स्वामी प्रयाग्य आत्मानंद, भुईफोड़ मंदिर

पिछले साल कोरोना का कहर गहरा था। इसीलिए अधिकतर श्रद्धालु घर में ही सावन में पूजा अर्चना किए। मंदिर में बेहद कम श्रद्धालु पहुंचे। इस बार शिव भक्तों की इच्छा है कि मंदिर में जाकर शिव जी को जलाभिषेक कर पूजा करें। इसलिए मंदिर का जल्द खोला जाए।

-राकेश पांडेय, खड़ेश्वरी मंदिर

कतरास लिलोरी मंदिर के जहां जिले के साथ दूसरे राज्य के भी श्रद्धालु पूजा करने के लिए पहुचते है। इसीलिए सरकार से नम्र निवेदन है कि मंदिर को सरकारी गाइडलाइन के अनुसार खोलने का आदेश दे। 

- सिंटू बाबा, सिंटू बाबा

पिछले साल सावन महीने में हरि नारायण कालोनी शिव मंदिर में शिव भक्त मंदिर के अंदर प्रवेश कर जलाभिषेक करने चाह रहे थे। लेकिन सरकारी गाइडलाइन के अनुसार मंदिर का कपाट बंद किया गया है। इसलिए भक्तों को निराशा होकर बाहर से ही पुजा कर वापस जाना पड़ रहा है। इस साल ऐसा ना हो तो उचित होगा।

- सुनिल मिश्रा पुजारी