नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I‑PAC के डायरेक्टर और को‑फाउंडर विनेश चंदेल को नियमित जमानत दे दी है. अहम बात यह रही कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में उनकी जमानत याचिका का विरोध नहीं किया.
विनेश चंदेल की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने बताया कि कुछ दिन पहले जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर ED को जवाब देना था.
पाहवा ने कहा, 'ED ने अपने जवाब में जमानत देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई, यह कहते हुए कि विनेश चंदेल ने जांच एजेंसी के साथ स्वेच्छा और सार्थक सहयोग किया है.'
उन्होंने बताया कि चंदेल ने जांच के दौरान मांगी गई सभी जानकारियां और डेटा उपलब्ध कराए. अदालत में जांच अधिकारी का बयान भी दर्ज किया गया, जिसमें जमानत पर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई. कोर्ट ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विनेश चंदेल को जमानत देने का आदेश पारित किया.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (I-PAC) के डायरेक्टर विनेश चंदेल को 13 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया था. यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई थी.
ईडी के मुताबिक, विनेश चंदेल I-PAC कंपनी के फाउंडर, डायरेक्टर और 33 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं. एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से घुमाया गया.
दिल्ली पुलिस की FIR से शुरू हुई ED की जांच
ईडी की यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. शुरुआती जांच में ही कई गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं. एजेंसी का दावा है कि कंपनी के माध्यम से काले धन को सफेद करने का एक संगठित नेटवर्क चलाया जा रहा था.

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