कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग—महिलाओं, युवाओं, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिहार की बेटियों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आयोजन एवं नेतृत्व
इस विरोध कार्यक्रम के आयोजक एवं नेतृत्वकर्ता कुणाल कुमार,प्रदेश उपाध्यक्ष, विकासशील इंसान पार्टी रहे।
उपस्थिति एवं सहभागिता
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से मंतोष जी, निकीर जी, गोविंद जी, बढ़ौना के मुखिया लाल बाबू दास, पवन जी, अनिल ज्ञानी जी, डॉक्टर विजय, अंगद, गुल्लू जी, माधव जी, निशांत जी, सुमित जी, गौतम जी, गुलशन जी, सत्यम जी, राजीश जी, वीरेंद्र जी, अशोक राय, संजीव राय, जितेंद्र राय, गुल्लू राय, राकेश जी, मनी जी, विवेक जी, मनोज जी तथा पवन अनिता देवी, सर्ता देवी, मोनी कुमारी, सुनेना देवी सहित रोशन जी, एहसान जी, सुधीर जी, गोविंद जी, अनिल झा और सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।सभी ने एक स्वर में महिला विरोधी बयान की कड़ी निंदा की और बिहार की बेटियों के सम्मान की रक्षा हेतु संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कुणाल कुमार का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुणाल कुमार ने कहा-“बिहार की बेटियों को ‘बिकाऊ’ कहना केवल बिहार का नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। यह बयान उस घृणित और सामंती सोच को उजागर करता है, जिसे समाज अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।”उन्होंने आगे कहा
“जिस व्यक्ति का संबंध महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मंत्रालय से हो, उसके परिवार द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। आज समस्तीपुर की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं होगा।”
शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आयोजन
पूरा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और लोकतांत्रिक रहा। कार्यक्रम से पूर्व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर को विधिवत सूचना दी गई थी, जिसके फलस्वरूप प्रशासनिक सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था पूर्णतः नियंत्रित रही।
सामाजिक संदेश
इस जनआंदोलन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बिहार की बेटियाँ सम्मान, स्वाभिमान, संघर्ष और समान अधिकार की प्रतीक हैं, और महिलाओं को अपमानित करने वाली किसी भी सोच या बयान के खिलाफ समाज एकजुट होकर खड़ा रहेगा।
आगे की चेतावनी
कुणाल कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती है, तो आने वाले समय में और भी व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे।

Post a Comment