महादेव बुक ऐप मामले में ED की रडार पर सुनील शेट्टी, संजय दत्त


Bollywood: ऑनलाइन बेटिंग ऐप महादेव बुक ऐप (Mahadev Book APP) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बड़ी जानकारी सामने आई है. सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कई अन्य ऐप को भी भारत और पाकिस्तान में चला रहे थे. इसी में से एक ऐप का नाम द लॉयन बुक ऐप था, जिसे हितेश खुशलानी और एक्टर साहिल खान प्रमोट कर रहे थे.

ईडी की जांच में इस बात की खुलासा हुआ है कि लॉयन बुक ऐप की सक्सेस पार्टी का आयोजन पिछले साल 20 सितंबर को दुबई के फेयरमॉन्ट होटल में आयोजित की गई थी. इस पार्टी में बॉलीव की कई हस्तियों ने शिरकत की थी.

इसमे संजय दत्त, सुनील शेट्टी भी शामिल हैं। इसके अलावा इसमे सोफी चौधरी, स्नेह उलाल, डेजी शाह, जॉर्जिया एड्रियानी व अन्य ने शिरकत की थी. इस कार्यक्रम का आयोजन महादेव बुक ऐप की सक्सेस पार्टी के दो दिन के बाद हुआ था. ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि लॉयन बुक ऐप भी उसी तरह से काम करता है जैसे महादेव बुक ऐप. एजेंट्स और हवाला ऑपरेटर से पैसा मिलने के बाद कई बॉलीवुड एक्टर्स ने इस ऐप को प्रमोट किया था.

जानकारी के अनुसार कई बॉलीवुड के एक्टर, सिंगर ने महादेव ऐप के प्रमोटर चंद्राकर की शादी में हिस्सा लिया था. सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच में इन बातों का खुलासा हुआ है. चंद्राकर की फरवरी माह में शादी हुई है. इस शादी के कार्यक्रम में टाइगर श्रॉफ, सनी लियोनी और अन्य एक्टर्स भी शामिल हुए थे. बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी और नेहा कक्कड़ भी शादी के कार्यक्रम में पहुंची थीं. ईडी ने बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर को भी इस मामले में समन किया था. 

जांच एजेंसी ने 6 अक्टूबर को रणबीर को रायपुर ऑफिस में पेश होने के लिए कहा था. हालांकि उन्होंने इसके लिए दो हफ्ते का समय मांगा था. चंद्राकर और उप्पल ने कई वेबसाइट को शुरू किया था और इसे महादेव बुक ऐप के नाम से ही शुरू किया है. यह ऐप ऑनलाइन कैसिनो और बेटिंग कराता है. इसके साथ ही इसपर और भी गैरकानूनी गतिविधियां होती हैं. दो अन्य आरोपी जोकि छत्तीसगढ़ से हैं, माना जा रहा है कि वो दुबाई में छिपे हैं.

ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत मिले हैं और तकरीबन 417 करोड़ रुपए सीज किए हैं। ईडी और छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अगस्त माह में लुकआउट नोटिस जारी किया था. जिसके बाद भारत आने पर इन दोनों को गिरफ्तार किया जा सकता है. हाल ही में चंद्राकर और उप्पल को ऑस्ट्रेलिया में आने से रोक दिया गया था, उन्हें वापस यूएई भेज दिया गया था.

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