बिहार विधानमंडलः राजद और भाजपा विधायक के बीच जमकर गाली-गलौज


पटनाः बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा के बाहर दो माननीय भिड़ गए। इस दौरान विधानसभा में भाषा की मर्यादा टूट गई। बात तुम-ताम से शुरू हुई और गाली-गलौज तक पहुंच गई। मर्यादा की सीमा लांघते हुए हरामी जैसे शब्दों का दोनों नेता इस्तेमाल करते दिखे। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि भाई वीरेंद्र ने अपना आपा खो दिया और गाली गलौच करने लगे। इस दौरान उन्होंने भाजपा विधायक को कई भद्दी-भद्दी गालियां दी। वहीं भाई वीरेंद्र के द्वारा दी गई गालियों को लेकर भाजपा विधायक ने उन्हें संस्कारहीन करार दिया।

बताया जाता है कि विधानसभा के सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा और राजद विधायक मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। राजद विधायक ने कहा कि तुम्हारी उम्र क्या है? मिलावटी पैदाइश है तुम्हारी। यहीं पटक कर मारेंगे। राजद विधायक ने कहा कि वे संजय सरावगी से सीनियर हैं। इसके बाद भी भाजपा विधायक ने उनसे बदतमीजी की है। उनके संस्कार पर सवाल उठाए। कहा कि हम किसी को कभी तुमताम नहीं कहते चाहे वह छोटे हो या बड़े। लेकिन भाजपा विधायक ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया। उनका क्या धंधा है सबको मालूम है। सरकार में ऐसे मिलावटी लोग मौजूद हैं। भाई वीरेंद्र ने भाजपा विधायक संजय सरावगी के लिए मिलावटी पैदाइश जैसे शब्द का इस्तेमाल कर दिया। तो वहीं भाजपा विधायक संजय सरावगी ने कहा कि राजद का जो संस्कार है, वह दिखा रहे हैं। इन लोगों ने पूरे बिहार को लूटा है। 

इस दौरान बात ऐसी हो रही थी मानों वो कोई सड़क छाप गुंडे हों और अपना वर्चस्व रखने के लिए एक-दूसरे को नीचा दिखा रहे हों। सिर्फ लात-घुसे नहीं चले बाकि सब हो गया। मीडियाकर्मियों ने बीच-बचाव करके दोनों को किसी तरह शांत कराया। इधर, मामला सदन में पहुंचा तो विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने राजद विधायक को मर्यादा में रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ हैं। आपसे नए विधायक सीखते हैं। ऐसे में आपको आचरण पर ध्यान रखना चाहिए। वहीं, सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेसी विधायकों ने विकास के मानकों पर नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को पीछे रखे जाने पर सरकार की आलोचना करते हुए जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेसी विधायक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे थे। कांग्रेसी विधायकों ने विकास के मानकों पर नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को पीछे रखे जाने पर सरकार की आलोचना करते हुए जमकर नारेबाजी की। उधर, पक्ष-विपक्ष दोनों के बड़े नेताओं ने विधानसभा में भाषा की मर्यादा टूटने को अफसोसजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पूर्व विधान परिषद सदस्य सच्चिदानंद राय ने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताते हुए कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल किसी विधायक के लिए करना पूरी तरह से अशोभनीय है। सबने देखा है कि राजद विधायक किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे थे। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को खुद इस मामले में संज्ञान लें और भाई वीरेंद्र को निलंबित किया जाए।