हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार ही पूजा पंडालों में प्रवेश कर सकेंगे लोग: कोलकाता पुलिस कमिश्नर


कोविड-19 के मद्देनजर इस बार भी लगातार दूसरे साल दुर्गा पूजा में कलकत्ता हाई कोर्ट एवं राज्य सरकार के दिशानिर्देश को मानते हुए ही लोगों को पंडालों में प्रवेश करने दिया जाएगा। बड़े पूजा पंडालों में 45 और छोटे 15 पूजा पंडालों में 15 लोग एक बार में प्रवेश कर सकेंगे। इसकी जानकारी कोलकाता पुलिस कमिश्नर सौमेन मित्रा ने दी। शुक्रवार को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के दुर्गापूजा गाइड मैप के उद्घाटन मौके पर पुलिस कमिश्नर सौमेन मित्रा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार प्रत्येक पूजा कमेटियों ने दुर्गापूजा का आयोजन किया है। पूजा के दौरान मंडप के आसपास भीड़ न इकट्ठा हो, पुलिस एवं पूजा कमेटी के सदस्य इसका विशेष ख्याल रखेंगे।

माननीय अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले श्रद्धालु अंजलि देने या सिंदूर खेला के लिए मंडप में प्रवेश कर सकेंगे। इसकी संख्या निर्धारित संख्या में ही होगी। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर ने कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस ने ही सबसे पहले ट्रैफिक एनुअल बुलेटिन जारी किया था। इसके तहत अपनी खामियों को पहचानने के साथ ही भविष्य के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिलती है। इस मौके पर एडिशनल सीपी देवाशीष बोराल, ज्वाइंट सीपी ट्रैफिक संतोष पांडेय और डीसी ट्रैफिक अरिजीत सिन्हा मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन ओसी ईस्ट ट्रैफिक गार्ड निलेश चौधरी ने किया। बताते चलें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने दुर्गापूजा को लेकर नए निर्देश दिए हैं।

अदालत ने अपने पिछले निर्देश में पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसमें संशोधन करते हुए कहा है कि बड़े पंडालों में एक साथ 45 व छोटे पंडालों में 10 से 15 दर्शनार्थी प्रवेश कर सकेंगे। न्यायाधीश इंद्र प्रसन्न मुखोपाध्याय व न्यायाधीश अनिरुद्ध बसु की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना का दोनों टीका लिया होने पर ही देवी दुर्गा को पुष्पांजलि दी जा सकेगी और सिंदूर खेला जा सकेगा। इसके साथ ही मास्क पहनना भी जरूरी होगा। जिन लोगों ने कोरोना का दोनों टीका ले लिया है, वे ही पूजा संबंधी कामकाज में शामिल हो सकेंगे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार की तरफ से हाई कोर्ट को सूचित किया गया था कि कोरोना के हालात को देखते हुए अदालत अगर पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा देती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। उसके बाद हाई कोर्ट की तरफ से पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी लेकिन गुरुवार को मामले पर हुई सुनवाई में अदालत ने इसमें ढील दी है।