ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में रिलायंस का एक और बड़ा दांव, जर्मनी की नेक्सवेफ में 218 करोड़ रुपये का करेगी निवेश

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) ने महत्वपूर्ण साझेदारियों की घोषणा की है। आरएनईएसएल ने बताया कि वह जर्मनी की नेक्सवेफ में 2.5 करोड़ यूरो (218 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। साथ ही कंपनी ने डेनमार्क की स्टीसडल के साथ रणनीतिक साझेदारी का भी एलान किया है। नेक्सवेफ सेमीकंडक्टर में इस्तेमाल होने वाले मोनोक्रिस्टलाइन सिलिकान वेफर्स बनाती है। सेमीकंडक्टर सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरणों में लगाए जाते हैं।

रिलायंस के मुताबिक नेक्सवेफ में निवेश भारतीय बाजार के लिए रणनीतिक साझेदारी के तहत किया गया है। कंपनी ने बयान में कहा कि वह नेक्सवेफ के 86,887 सीरीज-सी प्रेफर्ड शेयर 287.73 यूरो प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी। इसके अलावा आरएनईएसएल को एक यूरो के हिसाब से 36,201 वारंट भी जारी किए जाएंगे। एक अलग घोषणा में आरआइएल ने कहा कि आरएनईएसएल ने हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स के विकास और निर्माण के लिए स्टीसडल के साथ साझेदारी की है। इस समझौते पर हाल ही में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। स्टीसडल एक डेनिश कंपनी है, जो जलवायु परिवर्तन को लेकर प्रौद्योगिकियों का विकास करती है।

सोलर पैनल निर्माताओं को मिलेगा लाभ

मुकेश अंबानी सौदे को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस हमेशा से तकनीक के क्षेत्र में आगे रहने में विश्वास करती रही है। नेक्सवेफ में हमारा निवेश, भारत को फोटोवोल्टिक निर्माण में वैश्विक लीडर के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें विश्वास है कि नेक्सवेफ का अभिनव अल्ट्रा-थिन वेफर, सोलर पैनल निर्माताओं और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगा। रिलायंस के लिए सौर और अन्य प्रकार की नवीकरणीय ऊर्जाओं में दखल एक व्यावसायिक अवसर से कहीं अधिक बड़ा है। यह पृथ्वी को बचाने और इसे जलवायु संकट से निकालने के वैश्विक मिशन में हमारा योगदान है।

दो दिन पहले दो सोलर कंपनियों को किया था अधिग्रहण

रिलायंस ने दो दिन पहले ही क्लीन एनर्जी सेक्टर की दो कंपनियों का अधिग्रहण किया है। उसने सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी आरईसी सोलर होल्डिंग में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी चीन नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) से खरीदी है। इसके साथ ही कंपनी स्टर्लिंग एंड विल्सन पावर में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की भी घोषणा की थी। यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट में इंजीनियरिंग, प्राक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन का काम करती है।