पीएम नरेन्द्र मोदी से निराश हुआ JDU, बिहार को विशेष राज्य के दर्जे पर नीतीश सरकार का यू-टर्न


योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने संकेत दिया है कि अब राज्य सरकार केंद्र से बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग नहीं करेगी। इसके बदले हरेक क्षेत्र में विशेष सहायता की मांग होगी। उन्होंने कहा कि आखिर विशेष राज्य के लिए कितनी बार मांग की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के विकास के मूल्यांकन के दौरान केंद्र सरकार ने राज्य की उपलब्धियों के आंकड़े का सही इस्तेमाल नहीं किया। वे सोमवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। 

मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विशेष राज्य की मांग अब पुरानी बात हो गई। हम लोगों की मांग पर केंद्र सरकार ने एक कमेटी का गठन किया। फिर भी कुछ नहीं हुआ। मांग करते-करते सवा चार साल हो गए। केंद्र में भी अपनी सरकार है। हम विशेष राज्य के बदले विशेष मदद की मांग कर रहे हैं। यह मदद राज्य को हर क्षेत्र में चाहिए। मंत्री ने कहा कि हम केंद्र सरकार पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। नीति आयोग केंद्र सरकार का ही अंग है, लेकिन यह सही है कि विभिन्न मानकों को राज्य की उपलब्धियों की गणना के दौरान उसने सही आंकड़े का उपयोग नहीं किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों का जिक्र किया। कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं के दाखिला बड़े पैमाने पर हुआ है, लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट में इस मामले में भी राज्य को पिछड़ा बता दिया गया।

नीति आयोग की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल

बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नीति आयोग ने जून 2021 में एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21 प्रकाशित किया। जिसकी समीक्षा में पाया गया कि 2019-20 की तुलना में सतत विकास लक्ष्य में दो अंकों की वृद्धि हुई है। मूल्यांकन के लिए 115 सूचकांक तय थे। बिहार का मूल्यांकन 110 सूचकांक पर किया गया।  जिन क्षेत्रों में बिहार ने बेहतर प्रगति की है उन्हें इसमें शामिल ही नहीं किया गया। मंत्री सोमवार को पटना में प्रेस से बात कर रहे थे। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे लेकर नीति आयोग को एक मेमोरेंडम भेजा गया है। प्रेस कान्फ्रेंस में विकास आयुक्त आमिर सुबहानी भी मौजूद रहे।