Bhawanipur by elections: भाजपा प्रत्याशी प्रियंका टिबड़ेवाल ने भरा नामांकन पत्र, ममता बनर्जी से होगा मुकाबला

बंगाल की हाई प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी प्रियंका टिबड़ेवाल ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दिन नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन भी था। प्रियंका ने नामांकन के पहले पूजा और प्रार्थना की। उसके बाद वह विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी व अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ अलीपुर स्थित सर्वे बिल्डिंग पहुंची और वहां नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी और भाजपा नेता व अभिनेता रूद्रनील घोष भी उपस्थित थे। इस सीट पर उनका मुकाबला राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रत्याशी ममता बनर्जी और माकपा के श्रीजीव विश्वास से होगा।

बता दें कि ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ही भवानीपुर सीट के लिए नामांकन दाखिल कर चुकी हैं। वहीं, माकपा उम्मीदवार श्रीजीव विश्वास ने भी सोमवार को नामाकंन दाखिल किया। वहीं, कांग्रेस ने भवानीपुर से ममता के खिलाफ पहले ही उम्मीदवार नहीं उतारने का एलान किया था। भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना तीन अक्तूबर को होगी।

प्रियंका टिबड़ेवाल ने कहा-यह अन्याय के खिलाफ है लड़ाई

नामांकन दाखिल करने के पहले प्रियंका टिबड़ेवाल ने पूजा की और ढाक की आवाज के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रियंका ने कहा, यह अन्याय के खिलाफ लड़ाई है। बंगाल के लोगों के लिए यह न्याय की लड़ाई है। मैं भवानीपुर के लोगों से कहना चाहूंगी कि उन्हें एक बड़ा मौका मिला है, उन्हें आगे आकर इतिहास बनाना चाहिए। बता दें कि भाजपा ने शुक्रवार को प्रियंका को भवानीपुर सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद रविवार को प्रियंका ने चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी।

कौन हैं प्रियंका टिबड़ेवाल

बता दें कि पेशे से वकील प्रियंका टिबड़ेवाल 2014 में भाजपा में शामिल हुईं थीं। प्रियंका बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पीड़ितों का मुकदमा लड़ रही हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार रह चुकी हैं। बाबुल की सलाह पर ही वह 2015 में राजनीति में आई थी। साल 2015 में प्रियंका ने भाजपा के टिकट से वार्ड संख्या 58 (इंटाली) से कोलकाता नगर निगम का चुनाव लड़ा था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के स्वपन समदार से वह हार गईं थीं।

इस साल मार्च-अप्रैल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्हें भाजपा ने कोलकाता की इंटाली से मैदान में उतारा गया था, लेकिन तृणमूल उम्मीदवार स्वर्णकमल साहा से लगभग 56,000 वोटों के बड़े अंतर से हार गई थीं। उन्होंने चुनाव बाद हिंसा मामले की सीबीआइ जांच को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में मामला दायर किया था।

हाई कोर्ट ने उसे स्वीकार करते हुए पिछले दिनों सीबीआइ जांच का आदेश दिया था। इसके बाद प्रियंका और सुर्खियों में आईं। भाजपा में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला और अगस्त 2020 में उन्हें बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया था।