सरकार बनाने के बाद चीन और जापान ने तालिबान का स्‍वागत किया, जानें अमेरिका ने क्‍या दी प्रतिक्रिया

अफगानिस्‍तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद दुनियाभर से तमाम मुल्‍कों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस अस्थायी सरकार के गठन के लिए चीन और जापान ने तालिबान का स्वागत किया है। वहीं अमेरिका ने कहा है कि वह तालिबान की नई सरकार को आंक रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम सरकार में शामिल कुछ व्यक्तियों के पिछले के रिकॉर्ड को लेकर चिंतित हैं। हम तालिबान को उसके उसके शब्दों से नहीं उसके कार्यों से आंकेंगे। हमने अपनी अपेक्षा स्पष्ट कर दी है कि अफगान लोग एक समावेशी सरकार चाहते हैं।  

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हमने गौर किया है कि नामों की घोषित सूची में विशेष रूप से ऐसे शख्स शामिल हैं जो तालिबान के सदस्य हैं या उनके करीबी सहयोगी हैं। इसमें कोई महिला शामिल नहीं है। हम नई सरकार से स्पष्ट अपेक्षा करते हैं कि तालिबान सुनिश्चित करे कि किसी भी दूसरे देश को धमकी देने या जोखिम पैदा करने के लिए वह अपनी जमीन का इस्‍तेमाल नहीं होने देगा। अफगान लोगों के समर्थन में मानवीय मदद की अनुमति दी जानी चाहिए।

वहीं अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने अफगानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा पर करारा हमला बोला है। रिपब्लिकन अध्ययन समिति ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मूर्ख मत बनिए। तालिबान सरकार में कुछ भी ज्‍यादा उदारवादी नहीं है। अफगानिस्‍तान में आतंकवादियों की, आतंकवादियों के द्वारा और आतंकवादियों के लिए सरकार बनाई गई है। सांसद टिम बुचेट ने कहा कि तालिबान के मंत्रिमंडल में आतंकी और अलकायदा एवं हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के लोग शामिल हैं।

इस बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी मीडिया और पत्रकारों को उन्हें आतंकी संगठन कहने को लेकर चेतावनी दी है। टीटीपी ने कहा है कि ऐसा करने वालों को हम दुश्‍मन मानेंगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का कहना है कि तालिबान से सबसे अधिक समस्या चीन को है जिसके लिए वह तालिबान के साथ समझौता करने की कोशिशें कर रहा है। वहीं व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका तालिबान सरकार को मान्यता देने की जल्दी में नहीं है।