Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से तबाही जैसे हालात, हाजीपुर शहर में घुसा पानी; दानापुर में मंडरा रहा खतरा


बिहार के कई हिस्सों समेत नेपाल में हो रही लगातार बारिश से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। उत्तर बिहार में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हर ओर जलजमाव है। जहां बाढ़ नहीं, वहां बारिश का पानी जमा हो गया है। थोड़ी राहत की खबर यह है कि पटना जिले में गंगा और सोन के जलस्तर में चौबीस घंटे में 11 सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन खतरे के निशान से अभी भी दोनों नदियां ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार को 15 सेंटीमीटर तक पानी घटने की संभावना है। वहीं, वैशाली में गंडक में उफान बढ़ गया है। तीन दिनों से गंडक नदी में वाल्मिकीनगर बराज से लगातार पानी का डिस्चार्ज लेबल बढऩे के कारण तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। सोमवार को नदी में पानी का डिस्चार्ज लेबल बढ़कर 1.56 लाख क्यूसेक तक पहुंच जाने के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। 

पटना में 32 स्थानों पर चलाए जा रहे राहत शिविर

जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सभी पंचायतों में बचाव-राहत कार्य तेज कर दिया गया है। 32 राहत शिविरों में दोनों समय भोजन और बच्चों को दूध दिया जा रहा है। मवेशियों को चारा की आपूर्ति की जा रही है। राहत शिविरों में पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर और पशु शिविर में सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिले 2.74 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 32 जगहों पर राहत शिविर में भोजन का प्रबंध किया गया है। बाढ़ से घिरे अब तक 64 हजार 818 परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। डीएम ने बताया कि अबतक 43 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं। 23 पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित हैं। बचाव राहत कार्य में 259 सरकारी नाव लगाए गए हैं। दानापुर में रिंग बांध पर दबाव बढ़ने से खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है।

हाजीपुर में घुसा बाढ़ का पानी

हाजीपुर के बाहरी इलाकों में गंडक का पानी प्रवेश कर गया है। तिरहुत नहर तटबंध से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। सरयू भी उफान पर है। बेगूसराय जिले के आठ प्रखंडों की दो लाख 70 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित है। सारण में गंगा नदी का जलस्तर दियारा क्षेत्र में यथावत है। भोजपुर के बड़़हरा मे गंगा नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर घट गया है। हालांकि, बाढ़ का पानी आरा शहर के चंदवा छलका, मौलाबाग गायत्री मंदिर, सिंडिकेट रोड, ङ्क्षबद टोली, बलबतरा, उजियार टोला एवं गांगी पुल के नीचे इलाके में फैल चुका है। श्मशान घाट डूब चुका है। पिछले 48 घंटे के दौरान डूबने से करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

भागलपुर-अकबरपुर सड़क पर बह रहा पानी

भागलपुर-अकबरनगर सड़क और सबौर इलाके में भी सड़क पर पानी बह रहा है। जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर बाढ़ का पानी आने के बाद शनिवार से ही परिचालन बंद है। इस रूट की आठ से अधिक ट्रेनें रद कर दी गई हैं। पटना में भले गंगा का कहर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन मुंगेर जिले में गंगा अब भी पूरे उफान पर है। भागलपुर में भी बाढ़ से बुरा हाल है। खगड़‍िया में गंगा खारा धार स्लूस गेट के पास अपने उच्चतम जलस्तर से 18 सेमी ऊपर बह रही है। नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भुतही बलान, बिहुल, महानंदा, गंगा, कोसी, कारी कोसी व ब्रांडी नदी से जुड़े इलाकों में बुरा हाल है।

मुजफ्फरपुर में कहर बरपा रही बागमती

मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड में बागमती कहर बरपा रही है। कटरा प्रखंड के भी एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बूढ़ी गंडक में उफान से शहरी इलाकों में दबाव बन रहा है। शहर के बेला औद्योगिक क्षेत्र में भी पानी जमा हो गया है। पश्चिम चंपारण में पहाड़ी नदियों के साथ गंडक का कहर जारी है। गंडक बराज से सोमवार को एक लाख, 66 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं पूर्वी चंपारण में पंडई, सिकरहना आदि नदियां भी उफनाई हैं। समस्तीपुर में गंगा में आई बाढ़ से करीब दो लाख की आबादी बुरी तरह प्रभावित है। बागमती शिवहर में तबाही मचा रही है, नरकटिया इलाके में फिर बागमती का पानी घुस गया है। इस मौसम में दूसरी बार यहां के लोग विस्थापित होने पर विवश हैं। मधुबनी में कोसी व कमला तटबंध के अंदर बसे गांवों पर फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यहां कोसी, कमला बलान, भुतही बलान व गेहुंमा के जलस्तर में वृद्धि जारी है।