चिराग पासवान को फिर PM मोदी सरकार का झटका, दिल्‍ली में राम विलास पासवान का बंगला खाली करने का आदेश

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के एक गुट के अध्‍यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने बड़ा झटका दिया है। चिराग खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते रहे हैं, लेकिन उनके कई आग्रहों की केंद्र सरकार ने अनसुनी कर दी है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संपदा निदेशालय ने उन्‍हें पिता राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के नाम से दिल्‍ली में आवंटित बंगला (12, जनपथ) खाली करने का आदेश फिर दिया है। चिराग पासवान के नाम से बतौर सांसद एक बंगला पहले से आवंटित है। चिराग पिता के नाम से आवंटित बंगले को उनकी पहली पुण्‍यतिथि तक अपने पास रखना चाहते हैं।

आठ अक्‍टूबर तक बंगला रखना चाहते हैं चिराग

मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के आठ अक्‍टूबर 2020 को निधन के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संपदा निदेशालय ने बीते 14 जुलाई को उनके पुत्र व एलजेपी सांसद चिराग पासवान को पिता के नाम से आवंटित बंगला खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद चिराग पासवान ने कुछ वक्‍त मांगा था। परिवार चाहता है कि यह बंगला आठ अक्‍टूबर 2021 तक उनके पास रहे। आठ अक्‍टूबर को राम विलास पासवान की पहली पुण्‍यतिथि है। चिराग चाहते हैं कि पिता की पहली पुण्‍यतिथि उनके नाम से आवंटित बंगले में ही मनाकर वे इसे खाली करें।

दिल्‍ली में राम विलास पासवान का पर्याय है बंगला

दिल्‍ली का 12, जनपथ वाला बंगला राम विलास पासवान का पर्याय माना जाता है। राम विलास पासवान यहां लंबे समय तक रहे। उनका निधन यहीं रहते हुए हुआ। यह बंगला एलजेपी का शक्ति केंद्र भी रहा है। चिराग पासवान इस बंगले में बचपन से रहे हैं। परिवार का इससे भावनात्‍मक लगाव भी रहा है। ऐसे में इस बंगले को खाली करने का आदेश चिराग पासवान को बड़ा झटका है।

केंद्र सरकार व बीजेपी के लगातार लग रहे झटके

विदित हो कि खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान (Hanuman of PM Narendra Modi) बताते रहे चिराग पासवान को केंद्र सरकार व भारतीय जनता पार्टी (BJP) का यह पहला झटका नहीं है। इसके पहले एलजेपी में बगावत (LJP Split) पर बीजेपी ने चुप्‍पी साध ली थी। फिर केंद्रीय कैबिनेट विस्‍तार (Central Cabinet Expansion) के वक्‍त चिराग ने एलजेपी के दूसरे गुट के अध्‍यक्ष पशुपति पारस (Pashupati Paras) को बतौर एलजेपी सांसद कैबिनेट में जगह नहीं देने की मांग रखी, जिसकी अनसुनी कर दी गई। अब चिराग से पिता राम विलास पासवान के नाम पर आवंटित बंगला खाली कराने की कोशिश की जा रही है।