Tokyo Olympics 2020: भारत ने किन-किन खेलों में जीते पदक, किन खिलाड़ियों ने देश को किया गौरवान्वित

टोक्यो ओलिंपिक का आयोजन 2020 में ही होना था, लेकिन कोविड 19 महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। इस महामारी ने हर चीज पर असर डाली और खेल भी इससे अछूता नहीं रहा। इसकी वजह से टोक्यो ओलिंपिक को 2021 के लिए खिसका दिया गया और इस बीच सभी खेल गतिविधि पूरी तरह से ठप हो गई। इससे भारतीय खिलाड़ी भी प्रभावित हुए और घरों में सिमट कर रह गए। प्रैक्टिस की कमी हुई, मैच उतने नहीं हुए जितने होने चाहिए थे, कई खिलाड़ी कोविड से भी प्रभावित हुए, लेकिन इन सारी बाधाओं को बार करते हुए भारतीय एथलीटों ने टोक्यो में कमाल कर दिया। 

टोक्यो ओलिंपिक में एथलीटों के सबसे बड़े दल ने लिया हिस्सा

ओलिंपिक में इस बार भारत की तरफ से सबसे बड़ा खिलाड़ियों का दल (124) टोक्यो पहुंचा था जिन्होंने कुल 18 स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा लिया। इनमें से सभी खिलाड़ियों ने अपना बेस्ट दिया, लेकिन कुछ पदक तक पहुंचने से चूक गए, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने बाजी मारी और देश को गौरवान्वित किया। टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय एथलीटों ने अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 7 मेडल अपने नाम किए जो अब तक नहीं हुआ था। कई जाने-माने नाम ने निराश किया तो कई युवा सामने उभरकर आए और जताया कि, वो देश की उम्मीदों का भार उठाने के काबिल हैं। 

मीराबाई चानू ने किया मेडल का श्रीगणेश

टोक्यो ओलिंपिक 2020 के पहले ही दिन महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर जो श्रीगणेश किया उसके अन्य खिलाड़ी आगे ले गए। इनके बाद पीवी सिंधू, लवलीना बोरगोहेन, रवि कुमार दाहिया, भारतीय मेन्स हॉकी टीम, बजरंग पूनिया और आखिर में गोल्ड के साथ नीरज चोपड़ा ने भारतीय अभियान का सुखद अंत किया। आइए अब एक नजर डालते हैं भारत की तरफ से किन-किन खेलों में किन-किन खिलाड़ियों ने मेडल जीते। 

नीरज चोपड़ा- एथलेटिक्स- मेन्स जैवलिन थ्रो- गोल्ड मेडल                           

मीराबाई चानू- वेट लिफ्टिंग- वूमेन्स 49 किलो- सिल्वर मेडल

रवि कुमार दाहिया- रेसलिंग- मेन्स फ्रीस्टाइल- सिल्वर मेडल

पीवी सिंधू- बैडमिंटन- वूमेन्स सिंगल्स- ब्रॉन्ज मेडल

लवलीना बोरगोहेन- बॉक्सिंग- वूमेन्स वेल्टरवेट- ब्रॉन्ज मेडल

इंडियन मेन्स हॉकी टीम- फील्ड हॉकी- मेन्स टूर्नामेंट- ब्रॉन्ज मेडल

बजरंग पूनिया- रेसलिंग- मेन्स फ्रीस्टाइल 65 किलो- ब्रॉन्ज मेडल