बंगाल में ममता की सीएम कुर्सी पर खतरा! उपचुनाव जल्द कराने की मांग पर चुनाव आयोग से मिलेगा टीएमसी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल

बंगाल में मार्च-अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी से पराजित होने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी की सीएम की कुर्सी पर खतरे का बादल मंडरा रहा है। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार ममता को पांच नवंबर के पहले निर्वाचित होना होगा, नहीं तो उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है। इसको देखते हुए टीएमसी ने राज्य में सात सीटों पर लंबित विधानसभा उपचुनाव जल्द कराने की मांग तेज कर दी है।

उपचुनाव जल्द कराने की मांग पर टीएमसी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आज फिर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा। पार्टी की ओर से बताया गया है कि गुरुवार दोपहर 3.30 बजे टीएमसी प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा और इसके बाद शाम 4.30 बजे प्रेस कांफ्रेस करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत राय, सुखेंदु शेखर राय, जवाहर सरकार, सजदा अहमद और महुआ मोइत्रा होंगे।प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग को अपने विचारों से अवगत कराने के साथ जल्द उपचुनाव की मांग पर ज्ञापन सौंपेगा।

दो बार पहले भी चुनाव आयोग से मिल चुका है टीएमसी प्रतिनिधिमंडल

गौरतलब है कि इसके पहले दो बार तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। साथ ही तृणमूल की ओर से जल्द उपचुनाव की मांग को लेकर चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक आयोग ने चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है। हालांकि आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर 30 अगस्त से पहले यह जानना चाहा है कि कोरोना के हालात के बीच चुनाव कैसे संपन्न हो? बता दें कि नदिया के शांतिपुर, कूचबिहार जिले के दिनहटा, दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर, उत्तर 24 परगना के खरदह और दक्षिण 24 परगना के गोसाबा में उपचुनाव होने हैं। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से पहले ही मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज और जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के दो उम्मीदवारों की मौत हो गई थी जिसकी वजह से यहां चुनाव होना बाकी है।

ममता ने पहले ही की है जल्द उपचुनाव कराने की मांग

बता दें कि गत 23 अगस्त को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि राज्य में कोरोना के हालात सामान्य हैं और जल्द से जल्द चुनाव की तारीखों की घोषणा कर देनी चाहिए। दरअसल उपचुनाव ममता बनर्जी के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि नियमानुसार उन्हें पांच नवंबर से पहले राज्य के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज करनी होगी। अगर इसके पहले चुनाव संपन्न नहीं हुए तो मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी छोड़ देनी पड़ेगी। भवानीपुर जहां से अमूमन मुख्यमंत्री चुनाव लड़ती रही हैं, वहां से जीत दर्ज करने वाले शोभन देव चट्टोपाध्याय ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है और ममता का यहां से चुनाव लड़ना तय है। इसलिए जल्द से जल्द तृणमूल कांग्रेस यहां उपचुनाव चाहती है।