वोडाफोन आइडिया संकट: वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं, 'कई अधिकारी' कर रहे बात, मेरे पास कुछ नहीं आया


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वोडाफोन आइडिया के संकट पर 'कई अधिकारी' बात कर रहे, लेकिन उनके पास अभी तक कुछ नहीं आया है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) बंदी के कगार पर पहुंचने से रोकने के लिए सरकार की ओर से कोई समाधान निकालने की उम्मीदों के बीच वित्त मंत्री का ये बयान आया है।

गौरतलब है कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी की वित्तीय स्थिति उसके कर्जदाताओं के लिए एक चिंता का विषय है। सीतारमण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कई अधिकारी आपस में बात कर रहे हैं, लेकिन मेरे पास कुछ नहीं आया है। हालांकि, सीतारमण ने यह नहीं बताया कि बातचीत सरकारी अधिकारियों के बीच हो रही थी या कर्जदाता वोडाफोन आइडिया से बात कर रहे थे।उधर, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी जाने वाली बकाया राशि की दोबारा गणना करने की उसकी याचिका खारिज कर दिया था।

बता दें कि अभी वोडाफोन आइडिया पर अस्तित्व बनाए रखने का संकट है और कंपनी इसके लिए संघर्ष कर रही है, वोडाफोन आइडिया ने 1,06,010 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम पेमेंट के दायित्वों और सरकार के 62,180 करोड़ रुपये की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) देयता को टाल दिया है।

मालूम हो कि उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने हाल ही में VIL के चेयरमैन का पद छोड़ने की घोषणा की थी और कंपनी को संकट से उबारने के लिए सरकार से मदद मांगी थी और साथ ही वीआईएल में अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की भी पेशकश की थी। वोडाफोन आइडिया मार्च 2016 के बाद से लगातार सालाना आधार पर नुकसान उठा रही है।