काबुल एयर स्ट्राइक पर बोला अमेरिका- आत्मरक्षा में उठाया कदम, हमले को लेकर तालिबान ने कही ये बात



अमेरिका ने कहा है कि उसने आत्मरक्षा में अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट आतंकियों पर ड्रोन हमला किया है। यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने कहा है कि हम काबुल में विस्फोटक लदे वाहन पर हमले के बाद नागरिकों के हताहत होने की खबरों से अवगत हैं।  फिलहाल हम अभी भी इस हमले के परिणामों का आकलन कर रहे हैं। संभावित हमले के खतरे को लेकर भी हम पूरी तरह से सतर्क हैं।

बिल अर्बन ने कहा, 'अमेरिका सेना ने आज काबुल में एक वाहन पर आत्मरक्षा में ड्रोन हमला किया और हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आइएस-के के आसन्न खतरे को खत्म किया।' उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमने लक्ष्य को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया है। हमले के बाद वाहन से विस्फोट हुए हैं जिससे उस पर पर्याप्त मात्रा में विस्फोटक होने का संकेत मिलता है।

31 अगस्त के बाद अमेरिका को हमले का हक नहीं

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि 31 अगस्त के बाद अमेरिका को अफगानिस्तान में हमले करने का अधिकार नहीं होगा। तालिबान के नेतृत्व में बनने वाली सरकार इस तरह के किसी भी हमले को रोकेगी। तालिबान ने नांगरहार प्रांत में अमेरिका के ड्रोन हमले की निंदा भी की थी।

बाइडन ने एक दिन पहले ही दी थी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान में अगले 24 से 36 घंटे के भीतर अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने खतरे को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता बरतने को भी कहा था। गुरुवार को काबुल हवाईअड्डे के एक गेट पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 192 लोग मारे गए थे। इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आइएस-के) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

बाइडन ने बदला लेने का संकल्प लिया था

बाइडन ने काबुल हमले के साजिशकर्ताओं को खोजकर मारने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इस हमले को अमेरिका भूलेगा नहीं और दोषियों को ढूंढकर मारा जाएगा। उसके अगले दिन यानी शुक्रवार की रात को ही अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान की सीमा से सटे नांगरहार प्रांत में ड्रोन हमले में दो आइएस आतंकियों को मार गिराया था। इस हमले में एक आतंकी घायल भी हुआ था। मारे गए आतंकियों पर काबुल हमले की साजिश रचने का आरोप था। इस हमले के बाद बाइडन ने कहा था कि आइएस के खिलाफ यह आखिरी हमला नहीं है और आगे भी उसके खिलाफ हमले किए जाएंगे।