Split in LJP: पहले भी कई बार तिनका-तिनका बिखर चुकी है LJP, जानिए इस बार की टूट की इनसाइड स्‍टोरी

LJP Split लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के पांच सांसदों ने सुप्रीमो चिराग पासवान (Chirag Paswan) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अगर वे अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं और लोकसभा में उन्हें अलग गुट के रूप में मान्यता मिल जाती है तो एलजेपी में यह दूसरी बड़ी टूट होगी। हालांकि राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) का बंगला तिनका-तिनका कई बार बिखर चुका है। इसके पहले पार्टी में सबसे बड़ी टूट 2005 में हुई थी, जब बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में उसके 29 विधायक जीतकर आए थे। बहुमत किसी को नहीं मिला था और राम विलास पासवान किसी अल्पसंख्यक को मुख्यमंत्री (CM) बनाने का संकल्प लेकर घूम रहे थे। दूसरे दलों पर भी ऐसा ही करने का दबाव बना रहे थे। बात नहीं बनी और आखिरकार पासवान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उनके विधायकों ने रामाश्रय प्रसाद सिंह के नेतृत्व में जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन थाम लिया। इस बार भी एलजेपी बिहार विधानसभा से पहले ही साफ हो गई है। अब लोकसभा की बारी है।

चिराग व उनके सलाहकार से नाराज थे सांसद

पार्टी सूत्रों की मानें तो बागी सांसद सांसद चिराग पासवान और उनके सलाहकार से लंबे समय से नाखुश थे। कई बार अंसतोष जताने के बाद भी चिराग पासवान की ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाने के बाद असंतुष्टों ने अलग होने का फैसला किया। राम विलास पासवान के निधन के बाद विधानसभा चुनाव में एकतरफा फैसले से ही कई सांसद नाराज थे। पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) पिछले कुछ दिनों से पटना में थे। इस दौरान उनकी मुलाकात जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बड़े नेता ललन सिंह (Lalan Singh) से कई बार हुई। रविवार की सुबह पशुपति कुमार पारस और एलजेपी के पूर्व सांसद सूरज भान सिंह (Suraj Bhan Singh) दिल्ली गए। शाम में सूरजभान सिंह के भाई और नवादा से एलजेपी सांसद चंदन सिंह को भी दिल्ली बुलाया गया। वैशाली सांसद वीणा सिंह, खगडिय़ा सांसद महबूब अली कैसर, प्रिंस राज पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं।

इस बीच एलजेपी में टूट की खबर पर राजनीति भी गरमा गई है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने चिराग पर हमला बोल दिया है। हम ने कहा है कि अकेले चिराग ने राम विलास पासवान के सपनों के बंगले में आग लगा दी।