ममता सरकार का फैसला- टूटेगा कोलकाता का पोस्ता फ्लाईओवर, 2016 में इसके गिरने से 27 लोगों की मौत हुई थी


कोलकाता में निर्माणाधीन पोस्ता फ्लाईओवर (विवेकानंद फ्लाईओवर) के गिरने की घटना के करीब पांच साल बाद आखिरकार ममता सरकार ने इसे तोड़कर हटाने का फैसला किया है। इस निर्माणाधीन फ्लाईओवर के सामने का हिस्सा विधानसभा चुनाव के पहले 31 मार्च, 2016 को अचानक टूट कर गिर गया था। उस घटना में 27 लोगों की जानें चली गई थी। यह फ्लाईओवर लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। वहीं, कोलकाता नगर निगम के मुख्य प्रशासक फिरहाद हकीम ने पोस्ता बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के सदस्यों से मुलाकात की और फिर निर्णय की घोषणा की। फ्लाईओवर को गिराने का काम 15 जून से चार चरणों में शुरू होगा। पहले चरण में फ्लाईओवर का एक हिस्सा 45 दिनों में गिराया जाएगा।

चार चरणों में तोड़ा जाएगा फ्लाईओवर

मुख्य प्रशासक फिरहाद हकीम ने कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहनों को विध्वंस कार्य के लिए डायवर्ट किया जाएगा। नगर निगम, कोलकाता पुलिस के यातायात विभाग के साथ बैठक कर पहले चरण के बाद तय करेगी कि शेष तीन चरणों को कैसे तोड़ा जाए। गौरतलब है कि इस फ्लाईओवर के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। जो यह तय करेगी कि फ्लाईओवर के ध्वस्त होने के बाद उनका भविष्य क्या होगा। सबसे पहले खड़गपुर आईआईटी के विशेषज्ञों ने फ्लाईओवर की सेहत की जांच की थी। लेकिन चूंकि उनकी रिपोर्ट अस्पष्ट थी, इसलिए सरकार ने प्रख्यात पुल विशेषज्ञ वीके रैना को जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने गहन विश्लेषण के बाद सुझाव दिया कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर को तोड़ा जाए। राज्य सरकार उस राय को महत्व देने जा रही है। फ्लाईओवर को तोड़ने की जिम्मेदारी रेलवे की अनुषंगी कंपनी राइट्स को दी गई है।

31 मार्च 2016 को क्या घटी थी घटना ?

31 मार्च 2016 को विवेकानंद फ्लाईओवर का 60 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा हिस्सा सुबह के समय भारी ट्रैफिक के बीच नीचे से गुजर रहे बसों, गाड़ियों और पैदल यात्रियों पर 30 फीट नीचे जमीन पर आ गिरा था।‌इस वजह से 27 लोगों की जान चली गई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे। प्राथमिक जांच में पता चला कि जोड़ासांको की विधायक स्मिता बक्सी के करीबी रिश्तेदार फ्लाईओवर निर्माण के लिए मैटेरियल सप्लाई करते थे। उन्होंने खराब गुणवत्ता वाला मैटेरियल सप्लाई किया था जिसकी वजह से फ्लाइओवर टूटकर गिर गया था।