West Bengal: भड़काऊ भाषण देने के मामले में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में इस साल मार्च में पीएम मोदी की चुनावी रैली के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती को कलकत्ता हाईकोर्ट से शुक्रवार को भी राहत नहीं मिली। न्यायाधीश कौशिक चंद की पीठ ने पुलिस को अभिनेता से फिर से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। पुलिस उनसे सोमवार को वर्चुअली पूछताछ करेगी। मामले पर अगली सुनवाई आगामी बुधवार को होगी।

मिथुन की पैरवी कर रहे अधिवक्ता महेश जेठमलानी और आयन भट्टाचार्य ने अदालत में दलील पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने फिल्मी डायलॉग बोला था। इसका वास्तव से कोई लेना-देना नहीं था। गौरतलब है कि कोलकाता के मानिकतला थाने में मिथुन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कहा गया था कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मिथुन ने भड़काऊ भाषण दिया था। उसी वजह से राज्य में चुनाव के बाद हिंसा हुई। मानिकतला थाने में मिथुन के खिलाफ धारा 153ए, 504, 505 और 120बी के तहत शिकायत की गई थी।

तृणमूल कांग्रेस के दो नेताओं ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मिथुन भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने ब्रिगेड रैली के दौरान मंच से कहा था-'मैं पानी का सांप नहीं हूं, मैं कोबरा हूं. दंश मारने से काम तमाम हो जाएगा।' इस दिन सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष से सवाल किया कि यह संवाद अगर भड़काऊ था तो सेंसर बोर्ड ने इसकी अनुमति क्यों दी थीऔर चुनाव के दौरान चुनाव आयोग भी इसे लेकर खामोश क्यों रहा था?