अमेरिका से मिला चीन का शीर्ष अधिकारी, दी वुहान लैब की खुफिया जानकारी; इंटेलीजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

कोरोना वायरस आखिर कहां से आया? इसका जन्म कहां हुआ है, ये मुद्दा एक बार फिर उठा है और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जांच एजेंसियों से कहा है कि वे 90 दिन में जांच कर इसका पता लगाएं और उनको रिपोर्ट दें। अमेरिका कोरोना वायरस के उत्पत्ति की जांच में जुटा है। इस बीच, कोरोना वायरस  को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन के एक बड़े अधिकारी ने वुहान लैब से जुड़ी खुफिया जानकारी अमेरिका को दी थी। खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी उप-राज्य सुरक्षा मंत्री डोंग जिंगवेई (Dong Jingwei) कथित तौर पर अमेरिका चले गए और अमेरिका को वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी(Wuhan Institute of Virology) से जुड़ी खुफिया जानकारी उसे दी।

वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी(Wuhan Institute of Virology) कोरोना की उत्पत्ति की जांच का केंद्रबिंदु है। कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से ही लीक हुआ है। स्पाईटॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी भाषा के कम्युनिस्ट विरोधी मीडिया और ट्विटर हैंडल उन अफवाहों से भरे हुए हैं कि डोंग अपनी बेटी, डोंग यांग के साथ फरवरी के मध्य में हांगकांग के रास्ते अमेरिका भाग गए। स्पाईटॉक सबस्टैक प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी खुफिया, रक्षा और विदेश नीति को कवर करने वाला एक न्यूजलेटर है। डोंग ने कथित तौर पर वाशिंगटन को वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के बारे में जानकारी दी, जिसने कोरोना वायरस की उत्पत्ति के संबंध में अमेरिकी के रुख में आक्रामक बदलाव लाया।

स्पाई टॉक के मुताबिक,अगर अफवाहें सच होती हैं, तो यह पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर खुफिया तंत्र का फेल्योर होगा। डोंग चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय (एमएसएस) में लंबे समय से अधिकारी हैं या थे। जिन्हें चीन में गुओनबु के नाम से भी जाना जाता है।

बाइडन ने अमेरिकी एजेंसियों को कहा है कि 90 दिन के भीतर पता करें कि आखिर इस कोरोना वायरस का जन्म स्थान कहां है। इसका पता करके रिपोर्ट दें। राष्ट्रपति ने कहा है कि यह निष्कर्ष निकालने के अपर्याप्त साक्ष्य हैं कि क्या यह किसी संक्रमित जानवर के मानवीय संपर्क से उभरा है या एक लैब दुर्घटना ने इस महामारी को जन्म दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांचकर्ताओं की मदद करने का निर्देश दिया और चीन से अंतरराष्ट्रीय जांचों में सहयोग करने की अपील की है।