कोरोना पर आज देश के 54 जिलों के डीएम के साथ बैठक करेंगे PM मोदी, संक्रमण के हालात और नियंत्रण पर चर्चा

देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) आज देश भर के 54 जिलों के साथ संवाद करेंगे। पीएम मोदी आज कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 राज्यों के 54 जिलों के डीएम के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। इस बैठक में इन जिलों में कोरोना संक्रमण के ताजा हालात और उन पर नियंत्रण पर चर्चा होगी। पीएम मोदी ने देश के कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 100 जिलों के डीएम के साथ बैठक कर रहे हैं। इसी क्रम में 18 मई को पीएम मोदी नौ राज्यों के 46 डीएम के साथ बैठक कर चुके हैं।

इस दौरान बैठक में कोरोना संक्रमण की स्थिति, नियंत्रण के उपाय और अन्य मामलों को लेकर प्रधानमंत्री संवाद करेंगे। डीएम से जिलों की जानकारी लेकर प्रधानमंत्री दिशा-निर्देश देंगे। संभावना है कि इस संवाद में मुख्यमंत्री और शासन के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कोरोना संक्रमण के दौरान पहली बार प्रधानमंत्री सीधे डीएम से संवाद स्थापित कर रहे हैं। पहली लहर में गृह मंत्री अमित शाह अथवा केंद्रीय गृह सचिव एनसीआर के डीएम से संवाद करते थे। अब दूसरी लहर और तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री, डीएम से संवाद कर रहे हैं।

ममता बनर्जी भी बैठक में लेंगी हिस्सा

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आज पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेंगी। इस बैठक में मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव के साथ पश्चिम बंगाल के नौ जिलों के डीएम भी वर्चुअली मीटिंग में हिस्सा लेंगे।

यूपी के 5 जिलों के DM के साथ बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के पांच जिलों के डीएम से कोरोना को लेकर संवाद करेंगे। इससे पूर्व भी प्रधानमंत्री दूसरे जिलों के डीएम से संवाद कर चुके हैं। पीएम गुरुवार को मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बरेली और मुरादाबाद जिले के डीएम से सीधा संवाद करेंगे। 

हर जिले में कोरोना कमांड सेंटर स्थापित करने का सुझाव

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि हर जिले में कोरोना कमांड सेंटर स्थापित किया जाना चाहिए जो जरूरी बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन से सुसज्जित हो। ताकि गांवों और उसके बीच सूचनाओं का दोनों ओर से आदान-प्रदान हो सके। द टेक्नोलाजी इंफोरमेशन फोरकास्टिंग एंड असेसमेंट काउंसिल के सुझाव के मुताबिक, इसकी मदद से उपलब्ध संसाधनों और आंकड़ों का अन्य वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए अधिकतम इस्तेमाल हो सकेगा। काउंसिल के मुताबिक, सभी जिलों के कोरोना कमांड सेंटर राज्य के कोरोना कमांड सेंटर से जुड़े होने चाहिए जो पूरे राज्य का सूचना भंडार केंद्र होगा। इसी तरह सभी राज्य कोरोना कमांड केंद्र केंद्रीय कोरोना कमांड केंद्र से जुड़े होने चाहिए।