पिनराई विजयन ने ली केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्य में लगातार दूसरी बार हुआ वाम सरकार का गठन

केरल में आज एक बार फिर वाम सरकार का गठन हो गया। पिनराई विजयन ने केरल के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने यह शपथ दिलाई। शपथ समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में कोविड प्रोटोकॉल के साथ हुआ। विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ कोरोना की वजह से समारोह में शामिल नहीं हुए। केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को सरकार को निर्देश दिया था कि महामारी के मद्देनजर समारोह में सीमित संख्या में लोग भाग लें।

बता दें कि पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री बने हैं। नई वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार ने बड़ी जीत दर्ज की थी। एलडीएफ ( Left Democratic Front)ने 140 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी।

केरल में दूसरी बार सरकार बनाने वाले पिनराई विजयन के मंत्रिमंडल में 21 मंत्री होंगे। कोरोना की स्थिति को देखते हुए नई वाम मोर्चा सरकार के शपथ ग्रहण में सीमित लोगों को आमंत्रित किया गया। मंत्रियों के विभागों का फैसला मुख्यमंत्री करेंगे। एलडीएफ के सबसे बड़े साझीदार माकपा के 12 मंत्री होंगे जबकि दूसरे नंबर की पार्टी भाकपा के चार, केरल कांग्रेस (एम), जनता दल (एस) और राकांपा के एक-एक सदस्य होंगे।

पिनराई के मंत्रिमंडल में इन लोगों को किया गया शामिल

नये मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को छोड़कर पुराने चेहरों में केवल जेडीएस नेता के. कृष्णनकुट्टी और एनसीपी नेता ए के शशींद्रन शामिल हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन में प्रमुख साझेदार माकपा और भाकपा ने इस बार पिछली सरकार के किसी भी मंत्री को बरकरार नहीं रखने का फैसला किया है।

पहली बार मंत्री बनने वालों में डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विजयन के दामाद पी ए मोहम्मद रियास, माकपा के कार्यवाहक राज्य सचिव ए विजयराघवन की पत्नी आर बिंदु (दोनों माकपा), जी आर अनिल, चिंचू रानी तथा पी प्रसाद (सभी भाकपा) तथा अहमद देवरकोविल (आईएनएल) शामिल हैं।