Nitish Kumar ने बताया चोरी के वाहनों से कैसे होती है शराब की तस्‍करी, नंबर बदल करते होम डिलीवरी

शराब तस्‍करों में चोरी के वाहनों की बड़ी डिमांड है। यही कारण है कि वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गईं। चोरी के वाहनों से शराब की होम डिलीवरी की जाती है। इतना ही नहीं, चोरी के चारपहिया वाहनों से शराब की खेप दूसरे राज्‍यों से मंगवाई जाती है। ये सारी जानकारी नीतीश कुमार ने दी। जी हां, उसी नीतीश कुमार ने जिले औरंगाबाद जिले के देव थाना पुलिस ने वाहनों की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

देव थाना पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के तीन चोरों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर बुधवार की शाम में कसमा थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव निवासी नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नीतीश की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद किया है।

नीतीश की गिरफ्तारी के पहले पुलिस ने छापामारी कर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी संजीत कुमार, ढाबी गांव निवासी सुनील कुमार यादव एवं मदनपुर थाना क्षेत्र के जुड़ाही गांव निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार संजीत के पास से चोरी की मालवाहक टेंपो एवं विकास के पास से एक बाइक बरामद किया है। थानाध्यक्ष बेंकटेश्वर ओझा ने बताया कि गिरफ्तार चारों वाहन चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से चारों को जेल भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार चोरों ने वाहन चोरी के बारे में कई बात बताया है।

बताए गए बात के आधार पर छापामारी जारी है। बताया कि चोरी की वाहन का नंबर बदलकर झारखंड से शराब की तस्करी का धंधा में उपयोग किया जाता है। अगर शराब लदी वाहन पुलिस के द्वारा पकड़ ली जाती है और धंधेबाज फरार हो जाते हैं तो वाहन को छुड़ाने थाना नहीं पहुंचते हैं। थानाध्यक्ष के अनुसार जिले से वाहन की चोरी कर झारखंड में बेचने का मामला भी पता चला है।

संजीत की गिरफ्तारी से हुआ खुलासा

बताया जाता है कि इस गिरोह का पर्दाफाश संजीत की गिरफ्तारी से हुआ है। संजीत बुधवार को चोरी की मालवाहक टेंपो को लेकर जीटी रोड देव मोड़ से देव जा रहा था कि सूचना पर पुलिस के द्वारा इसे खेसर गांव के पास से टेंपो के साथ पकड़ा गया। संजीत की निशानदेही पर सुनिल की गिरफ्तारी और दोनों की निशानदेही पर विकास को पकड़ा गया। तीनों की निशानदेही पर नीतीश को गिरफ्तार किया गया।