बंगाल में तृणमूल जीत की ओर अग्रसर, तमिलनाडु में द्रमुक गठबंधन, असम में राजग और केरल में एलडीएफ आगे


कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस फिर से सत्ता पर काबिज होती दिख रही है, जबकि असम में भाजपा की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक नीत गठबंधन आगे है। केरल में माकपा की अगुवाई वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) कुल 140 विधानसभा सीटों में से 88 पर आगे है तो कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की बढ़त 50 सीटों पर है।

चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रद्रेश में वोटों की गिनती रविवार को उस वक्त चल रही है, जब देश कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर संकट का सामना कर रहा है।

विधानसभा चुनाव के लिए उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 292 विधानसभा सीटों में 284 सीटों के लिए उपलब्ध रुझानों में टीएमसी 202 जबकि भाजपा 77 सीटों पर आगे चल रही है।

सबसे अहम बात ये है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से मुश्किल में हैं. सुवेंदु अधिकारी सुबह से भारी बढ़त बनाए हुए थे लेकिन 11 राउंड की मतगणना के बाद अब वह 3327 वोटों से पीछे हो गए हैं. रुझानों से साफ है कि ममता को अपनी सीट बदलता भारी पड़ सकता है और सुवेंदु के गढ़ में उनकी राह मुश्किल होती जा रही है. बता दें सुवेंदु ने कुछ दिन पहले ही टीएमसी छोड़ बीजेपी का दामन थामा है और वह पूर्व में ममता के सबसे खास माने जाते थे. इसके अलावा बंगाल की टॉलीगंज में बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भी करीब 25 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. बीजेपी के कई सांसदों की हालत खराब है और उन्हें विधान सभा चुनाव में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.टीएमसी भारी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है और अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं तो पार्टी राज्य में लगातार तीसरी बार आसानी से सरकार बना लेगी।

निर्वाचन आयोग द्वारा 206 सीटों के लिए उपलब्ध कराए रुझानों के मुताबिक, तमिलनाडु के रुझानों में द्रमुक नीत गठबंधन को बढ़त है। द्रमुक नीत गठबंधन 111 विधानसभा सीटों पर आगे चल रहा है जबकि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन 94 सीटों पर आगे है।

मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने सलेम जिले के इडापड्डी सीट पर अच्छी-खासी बढ़त बना ली है जबकि उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम द्रमुक के अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी थंगा तमिलसेल्वन से मामूली अंतर से पीछे चल रहे हैं।

असम में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग आगे चल रहा है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर 119 सीटों के उपलब्ध रुझानों के मुताबिक, राजग को 71 सीटों पर बढ़त मिली है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भरोसा जताया है कि भाजपा नीत गठबंधन राज्य में फिर से सत्ता में आएगा। असम में विधानसभा की 126 सीटें हैं और बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है।

पुडुचेरी में एआईएनआरसी नीत राजग नौ सीटों पर आगे चल रहा है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को तीन सीटों पर बढ़त मिली हुई है। अधिकारियों ने पहले दौर की मतगणना के बाद एआईएनआरसी के प्रमुख एन रंगासामी अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं।

मतदान के बाद आए ज्यादातर एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान जताया गया था। दूसरी तरफ, असम में राजग की जीत तथा केरल में वाम मोर्चे के सत्ता में बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था।

एग्जिट पोल में असम और केरल में कांग्रेस की हार की संभावना जताई गई थी और अब तक के रुझानों में यही स्थिति बनती दिख रही है। तमिलनाडु में द्रमुक की अगुवाई और कांग्रेस की मौजूदगी वाले गठबंधन की जीत की संभावना जताई गई थी। कांग्रेस के लिए अच्छी खबर केवल तमिलनाडु से है जहां एग्जिट पोल में द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत का अनुमान जताया गया था।

चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी नतीजे यह भी दर्शा सकते हैं कि कोविड-19 महामारी से निपटने की तैयारी ने मतदाताओं पर कैसे असर डाला।

पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में जबकि असम में तीन चरणों में मतदान संपन्न हुआ था। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान हुए थे।