कोलकाता में अनूठी पहल, सांसों को थमने से रोकने को 'ऑक्सीजन ऑन व्हील्स बस' की गई लांच

ऐसे समय में जब पूरा देश कोविड-19 के भयावह संक्रमण का सामना कर रहा है, बंगाल में भी संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत भी बराबर बनी हुई है। ऐसे समय में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों की ओर से भी सरकार को सहयोग करने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जैन समुदाय की संस्था 'जीतो' ने अनूठी पहल करते हुए कोलकाता में 'ऑक्सीजन ऑन व्हील्स बस' लांच की है। 32 सीटर यह बस पांच एलपीएम की चार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों से लैस है। इस पहल से ऑक्सीजन की किल्लत झेल रहे मरीजों को बड़ा लाभ मिल सकेगा।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कोलकाता में यह पहली ऑक्सीजन ऑन व्हील्स बस सेवा शुरू की गई है। बस में सीटें इस तरह है कि मरीज आराम से बैठ सकें और उन्हें कोई परेशानी ना हो। एक समय में चार मरीज इससे ऑक्सीजन ले सकते हैं। फिलहाल इस बस को महानगर के सरकारी एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात किया गया है। जरूरत के हिसाब से इस बस को अन्य अस्पतालों में भी ले जाया जा सकेगा, जहां मरीज भर्ती के लिए इंतजार कर रहे हैं और उन्हें तुरंत ऑक्सीजन की आवश्यकता है। ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए बस में हर समय एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी रहेंगे।

इधर, इस सेवा के शुरू करने पर जीतो कोलकाता चैप्टर के चेयरमैन राजेश भूतोड़िया ने कहा, यह पूरे समुदाय के लिए एकजुट होने और हर हाल में सरकार को सहयोग करने का समय है। हम सभी कोविड-19 के खिलाफ एक साथ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कीमती जीवन को बचाने के लिए कई और कदम उठाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, संस्था के सचिव भावेन कामदार ने कोविड प्रबंधन के लिए राज्य सरकार की सराहना की। वहीं, शीतल दुगड़ और विनोद दुगड़ ने भी इस पहल के समर्थन के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति आभार जताया।

दो- तीन और ऑक्सीजन बसें लांच करने की योजना

बताया गया कि पूरी सुविधाओं से लैस इस एक बस की कीमत लगभग तीन लाख रुपये है, जिसका वहन पूरी तरह जीतो की ओर से किया जा रहा है।इस गैर लाभकारी संस्था की ओर से जल्द ही इसी तरह की दो-तीन और ऑक्सीजन ऑन व्हील्स बसें लांच करने की योजना है। इसके अलावा हर बस में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की संख्या भी चार से बढ़ाकर छह करने की योजना है।