इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ फ्रांस की मुहिम नहीं रुकेगी, महिला पुलिस अधिकारी की हत्या पर बोले राष्ट्रपति

फ्रांस में शुक्रवार को एक बार फिर आतंकी हमला हुआ। पेरिस के करीब रामबौलेट (Rambouillet ) में हमलावर ने पुलिस थाने में घुसकर एक महिला पुलिस अधिकारी की गर्दन पर धारदार हथियार से ताबड़-तोड़ वार किए जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारी की पहचान स्टेफनी (Stephanie) के तौर पर हुई है जो दो बच्चों की मां थी। ट्यूनिशिया का यह 36 वर्षीय हमलावर इस दौरान अल्ला-हो-अकबर का नारा लगा रहा था। हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (President Emmanuel Macron) ने कहा है कि फ्रांस फिर से आतंकी हमले का शिकार हुआ है। लेकिन इस हमले से हमारी इस्लामी आतंकवाद से लड़ने की मुहिम नहीं रुकेगी। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह हमला स्थानीय समयानुसार 2:20pm पर हुआ। पता चला है कि उन्मादी शख्स ने थाने में घुसकर महिला पुलिसकर्मी के गले पर लंबे चाकू से लगातार वार किए। इससे स्टेफनी (49) नाम की महिला पुलिस अधिकारी बुरी तरह घायल होकर खून से नहा गई और कुछ ही मिनट में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद थाने में तैनात सुरक्षा गार्ड ने हमलावर को घेरकर उसे गोली मार दी। शुरुआती जांच में पता चला चला है कि हमलावर ट्यूनीशिया का नागरिक था और वैध दस्तावेज के साथ फ्रांस में रह रहा था। लेकिन एक टीवी चैनल के मुताबिक उससे पहले हमलावर अवैध रूप से फ्रांस में आया था। हमलावर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड फिलहाल सामने नहीं आया है। फ्रांस पिछले कुछ वर्षो से लगातार आतंकी हमले झेल रहा है। करीब छह महीने पहले एक युवक ने शिक्षक की दिनदहाड़े गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने महिला पुलिस अधिकारी की हत्या की निंदा करते हुए उसे कायराना हरकत बताया है। इस बीच मैक्रों सरकार ने कट्टरवादी इस्लामी गतिविधियों से निपटने के लिए एक विधेयक पेश किया है जिससे कुछ मुस्लिम देशों में नाराजगी है।