500 ऑक्सीजन बेड के साथ सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में आज से शुरू होगा इलाज, जानें कैसे मिलेगी एंट्री

छतरपुर स्थित सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर को आज यानि सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू कर दिया जाएगा। मरीजों के दाखिले को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। गाइडलाइन के अनुसार, अस्पताल में सीधे किसी भी मरीज का इलाज नहीं किया जाएगा। दिल्ली के सभी जिलों के सर्विलांस अफसर के आदेश के बाद ही यहां प्रवेश मिलेगा। आइटीबीपी द्वारा संचालित किए जा रहे है सरदार पटेल केयर सेंटर में शुरू में 500 बेड पर मरीजों का इलाज किया जाएगा। सभी बेड पर आक्सीजन की सुविभा भी उपलब्ध होगी। अगले सप्ताह तक इनकी संख्या 1000 कर दी जाएगी।

केयर सेंटर में 5000 बेड की व्यवस्था की जाएगी

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस बार इस केयर सेंटर में 5000 बेड की व्यवस्था की जाएगी जिसमें से 500 लगाए जा चुके हैं। केयर सेंटर को पंडित मदनमोहन मालवीय अस्पताल से अटैच किया गया है जहां से जरूरी स्वास्थ्य उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सैनिटाइजेशन व केयरटेकिंग स्टाफ उपलब्ध कराने के भी निर्देश दे दिए गए। गंभीर मरीजों को संबद्ध अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 10 एंबुलेंस की भी व्यवस्था के निर्देश हैं।

जिला सर्विलांस अधिकारी के आदेश के बाद ही अस्पताल में मिलेगा प्रवेश

सेंटर की शुरूआत होने की सूचना पर रविवार को ही बड़ी संख्या में मरीज पहुंच गए थे। हालांकि, सभी मरीजों को बताया गया कि जिला सर्विलांस अधिकारी के आदेश के बाद ही अस्पताल में प्रवेश मिलेगा। सीधे किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा।

लावारिस मिले शव का पुलिस ने किया अंतिम संस्कार

इधर, लाजपत नगर थाना पुलिस ने बीते दिनों रेलवे लाइन के पास लावारिस मिले शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार करवाया। 14 अप्रैल को शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस टीम ने एम्स मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद सराय कालेखां के पास बने बिजली संयंत्र में शख्स का अंतिम संस्कार करवाया। पुलिस ने बताया कि काफी खोजबीन करने के बाद भी शख्स के बारे में कुछ जानकारी नहीं मिल सकी है।

दक्षिणी-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने रविवार को बताया कि बीती 14 अप्रैल को सूचना मिली कि लाजपत नगर थाना क्षेत्र के जल विहार इलाके में एक शख्स मृत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची जहां अचेत अवस्था में पेड़ के नीचे एक शख्स पड़ा हुआ था। पुलिस ने उसे एम्स में पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पहचान नहीं होने की वजह से 72 घंटे के लिए शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को सराय कालेखां स्थित बिजली संयंत्र में अंतिम संस्कार करवाया। पुलिस ने बताया कि इस कोरोना महामारी के बीच अंतिम संस्कार करवा पाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।