बच्चे को जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी: सिविल सर्जन


शहरी
क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण के दर गांवों की अपेक्षा कम
पार्षदों से जन जागरूकता लाने के लिए निगम कार्यालय में हुआ एक दिवसीय कार्यशाला

युवा शक्ति संवाददाता

गया। बच्चो को जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। उक्त बाते निगम सभागार में एक दिवसीय कार्याशाला में सोमवार को सिविल सर्जन डा. कमल किशोर राय ने कही। उन्होने कहा कि बीमारियों को होेने से पहले रोकने से धन व जीवन दोनो की बचत होती है। टीकाकरण के माध्यम से ही बच्चों में विकार व मृत्युदर को कम किया जा सकता है। यह ना सिर्फ भारत में बल्कि पुरे विश्व में सबसे सुरक्षित व बेहद किफायती सेवा है।

ग्रामीण क्षेत्रों के अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण की दर कम 
वही कार्यशाला में पीपीटी के माध्यम से डब्लू एच ओ के एसएमओ अशोक कुमार सिंह ने पार्षदों को बताया कि किसी प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रो के अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में बच्चो को पड़ने वाले नियमित टीकाकरण की दर कम है। उन्होने कहा कि इस दर को बढाने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। आज भी  शहर के कई ऐसे जगह है जहां लोग टीकाकरण अपने बच्चों को नही कराते है। इसके पीछे उनके अंदर एक प्रकार का डर रहता है कि टीकाकरण से उसके बच्चे को बुखार आ जायेगा बीमार पड़ने से और भी कुछ ना जो जाये इस डर को हमसभी मिलकर ही निकाल सकते है।

जन स्वास्थ्य के को लेकर हुये कार्याशाला में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही कम 
निगम में जन प्रतिनिधियों के विकास व स्वास्थ्य के प्रति शायद दिलचस्पी नही रही। यही कारण है कि निगम की चाहे बजट की बैठक हो या स्वास्थ्य संबंधित कार्यशाला दोनो समय पार्षदों की उपस्थिति कम रही। सोमवार को हुये कार्यशाला में 53 वार्ड पार्षदों में से मेयर गणेश पासवान व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव के अलावे मुश्किल से 10 से 12 पार्षद ही मौजूद रहे। यहां तक की स्टेडिंग कमिटी के भी मात्र दो पार्षद ही मौजूद रहे। इस मौके पर नगर आयुक्त सावन कुमार डीपीएम निलेश कुमार, यूनिसेफ के डा. तारिक, पार्षद धमेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश सिंह, लाछो देवी, सारिका वर्मा मनोज कुमार व विनोद कुमार सहित निगम के अभियंता मौजूद रहे।