दुष्कर्म पीड़िता के पिता आर्थिक मदद के लिए न्यायालय का लगा रहा चक्कर


- 28 जून 2020 को 8 वर्षीय बच्ची के साथ हुआ था दुष्कर्म
- दुष्कर्म के बाद नही बोल पा रही बच्ची
- बार-बार कोर्ट आने के लिए आर्थिक कमी 

सूरज कुमार

गया। मासूम बच्वी के साथ एक तो दूष्कर्म और दूष्कर्म के बाद आर्थिक मदद के लिए बार-बार न्यायलय का चक्कर लगा रहा है दूष्कर्म पीड़िता का पिता। वजीरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाली 8 वर्षीय पीड़िता के साथ एक व्यक्ति फतेहपुर थाना क्षेत्र के एक कब्रिस्तान में ले जाकर दूष्कर्र्म किया था।हलांकि इस घटना के बाद पीड़ित बच्ची को उठा कर ले जाने के क्रम में बच्ची के रक्तश्रा्रव को देख लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया था।उस समय से आरोपी जेल में है। लेकिन उसके पिता बच्ची के और बेहतर इलाज के लिए आर्थिक मदद के लिए न्यायालय का चक्कर लगा रहा है।

घटना के बाद नही बोल पा रही है बच्ची 
पीड़िता के पिता ने बताया कि इस तरह  के हैवानियत के बाद बच्ची के दिलों दिमाग पर ऐसा सदमा लगा है कि वह घटना के बाद कुछ बोल ही नही पाती है। उन्होने बताया कि बच्ची जन्म से ही हल्की मंद बुद्धि की थी। बहुत इलाज  कराया। कोई लड़का नही है । मात्र दो बेटी है यह बड़ी बेटी थी  इसलिए यह किसी तरह सही हो जाये इसके लिए जो भी कुछ जमीन थी सब बेचकर बच्ची का इलाज कराया। लेकिन जब वह कुछ बोलने लगी तो इस तरक का घटना हो गया और घटना के बाद कुछ नही बोल पा रही है।
 
पॉलदारी कर बच्ची व परिवार का कर रहा पालन 
पीड़ित के पिता ने बताया कि कुछ भी जमीन अब नही है। पॉलदारी कर ट्रक से सिमेंट बैगरह उतारते है जो मिल जाता है उसी से परिवार का भरण पोषण करते है। जिस दिन कोर्ट आना होता है उस दिन काम नही कर पाते है। वही गाड़ी भाड़ा भी लग जाता है। ऐसे में कई बार तो पैसा नही रहने के कारण नही भी आ सका तो कई कर पहचान के लोगो के ट्रैक्टर या ट्रक के मदद लेकर गया पहुचे है।

मदद मिलता तो बेटी का कराता बेहतर इलाज 
पिता की बस एक ही इच्छा है वह कहते है कि जो मेरी बच्ची के साथ हुआ ऐसा भगवान किसी के साथ ना होने दे।जो आरोपी है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले जिससे कि कोई इस तरह के घटना नही कर सके। बस सरकार व हाकिम से यही चाहते है कि हमारी मदद करे और आर्थिक मुआवजा दिलाये जिससे कि पीड़ित बच्ची को बेहतर इलाज करा सके कि वह पून: बोलने लगे।
 
पुलिस मैडम कई बार भाड़ा तक दिया और खाना भी 
उन्होने बताया कि पुलिस का रूप ऐसा नही देखा था। जो थाना में केस हुआ था महिला थाना में वहां के मैडम भाड़ा नही रहने पर कई बार घर लौटने के लिए भाड़ा के लिए पैसा देकर मदद की है। इतना ही नही अधिक समय कोर्ट में लग जाने पर खाना भी ख्लिावाया है।


महिला थानाध्यक्ष का कहना है,
इस घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुये आरोपी को जेल भेज दिया था। इतना ही नही समय के साथ दो महिने के अंदर ही आरोप पत्र दायर कर दिया। अभी इस मामले में हमारी भी गवाही हुयी है। पीड़ित परिवार थोड़ा संयम रखे न्याय के साथ जो भी उन्हे आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। न्यायालय जरूरी दिलायेगी। हम सभी इसके लिए प्रयासरत है। - रविरंजना, महिला थानाध्यक्ष, गया

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