Jharkhand के 300 थानों में महिला हेल्‍प डेस्‍क, CM हेमंत सोरेन की पहल पर निर्भया फंड से मिले 3 करोड़


बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस को पिछले दिनों बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि चाहे जो भी संसाधन लगे, फंड की कमी बाधक नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए झारखंड मेंं निर्भया फंड को सक्रिय करने की कवायद शुरू की है।

इसी कड़ी में अब राज्य के 300 थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाने की पहल शुरू हो गई है। झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में निर्भया फंड की समीक्षा के दौरान कई वर्षों से यह देखा जा रहा है कि आवंटित राशि का 10 फीसद भी राज्य खर्च नहीं कर रहे हैैं। ऐसे में हेमंत सोरेन ने इसे सक्रिय करने पर जोर दिया है। एक महिला हेल्प डेस्क बनाने पर एक लाख रुपये खर्च होंगे, यानी कुल तीन करोड़ रुपये की लागत से सभी 300 थानों में महिला हेल्प डेस्क बनेंगे।

ये 300 थाने राज्य के सभी 24 जिलों व दो रेल जिलों में हैं। महिला हेल्प डेस्क में पीडि़त महिलाएं-बच्चियां, युवतियां किसी भी तरह की समस्या व शिकायत दर्ज करा सकती हैं। राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने महिला हेल्प डेस्क पर होने वाले खर्च से संबंधित ब्योरा प्रधान महालेखाकार कार्यालय को भी दे दिया है। 

सीआइडी के एसपी को किया गया है रुपये खर्च करने के लिए अधिकृत

निर्भया फंड के तीन करोड़ रुपये से सभी 300 थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाने के लिए रुपये की निकासी व खर्च के लिए सीआइडी के एसपी को अधिकृत किया गया है। रुपयों की निकासी डोरंडा कोषागार से होगी। महिला हेल्प डेस्क के लिए 900 कुर्सियां व 300 मोटरसाइकिलें भी खरीदी जाएंगी। महिला हेल्प डेस्क का अपना लैंड लाइन व मोबाइल नंबर होगा, जिसपर कभी भी पीडि़ता अपनी शिकायत कर सकेगी।

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