लापरवाही करने वाले पदाधिकारी/कर्मी को चिन्हित करते हुए उन पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे: डीएम

- डीएम ने सभी पदाधिकारियों को निदेश दिया कि वे अपने कार्यालय में यथा कार्यालय कर्मी य अन्य को बिना मास्क के प्रवेश करने से माना करेंगे।

- डीएम द्वारा सरकार के कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं से संबंधित साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

 सूरज कुमार

गया। डीएम अभिषेक सिंह द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में सरकार के कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं से संबंधित साप्ताहिक समीक्षा बैठक का सोमवार को आयोजन किया गया।

बैठक में मुख्य रूप से एमजेसी, सीडब्ल्यूजेसी मामले, जल जीवन हरियाली के विभिन्न अवयवों यथा सार्वजनिक कुओं का निर्माण, चेक डैम का निर्माण, वृक्षारोपण, पईन, आहार, पोखर का निर्माण, सोख़्ता, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम इत्यादि। घर-घर नल का जल, कोविड-19 वैक्सीनेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श एवं आवश्यक निदेश दिए गए। 

जल जीवन हरियाली अभियान के तहत विभिन्न अवयवों यथा सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का निर्माण एवं जीर्णोद्धार, चेक डैम का निर्माण, नय जल स्रोतो का सृजन इत्यादि के कार्य प्रगति के बारे निदेशक, डीआरडीए ने बताया। कार्य धीमी गति से होने के कारण डीएम ने असंतोष व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द लक्ष्य को प्राप्त करने का निदेश दिया। साथ ही उप विकास आयुक्त को निदेश दिया कि कार्य मे लापरवाही करने वाले पदाधिकारी/कर्मी को चिन्हित करते हुए उनपर कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।

ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी ने बताया कि जो 99 वार्ड छूट गए थे उनमें से 32 वार्डों में डीप बोरिंग का कार्य पूर्ण हो गया है शेष में कार्य कराया जा रहा है। डीएम ने कहा कि जहां बोरिंग करके नल जल के तहत घर तक पानी आपूर्ति की जा रही है वैसे क्षेत्रों का भी जायजा लेने की आवश्कता है, ताकि वैसे क्षेत्र में यही किसी प्रकार की समस्या हो तो उसका समाधान किया जा सके।
 
डीएम द्वारा निदेश दिया गया कि प्रत्येक प्रखंड स्तर पर एक कॉल सेन्टर बनाया जाए, जो सरकार द्वारा चलाये जा रहे सभी योजनाओं से संबंधित शिकायत एवं लोगों का फीडबैक लेकर उसी दिन प्रतिवेदन ज़िला को उपलब्ध कराएगा, जिसके आधार पर समस्याओं का निष्पादन तुरंत किया जा सकेगा। साथ ही समस्याओं की जानकारी प्रखंड स्तर पर कॉल सेन्टर द्वारा सम्बंधित पदाधिकारी को इसकी सूचना देंगे।

ज़िला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की समीक्षा में आवेदन अधिक लंबित होने के कारण डीएम ने जानकारी प्राप्त ली। बताया गया कि सर्वर धीमा चलने के करना पूरे बिहार में आवदेन का निष्पादन लंबित है।

 
हर खेत पानी योजना में वित्तीय वर्ष 2020-2021 में लक्ष्य के विरुद्ध कार्य कम पूरा हुआ है, जिस पर डीएम ने अविलंब पूर्ण करने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन के बारे में बताया गया कि जिन्होंने प्रथम डोज़ लिया है लेकिन दूसरे डोज़ नहीं ले रहे है। डीएम ने स्पष्ट निदेश दिया कि जो लोग पहला डोज़ लिए हैं और दूसरा नहीं ले रहे है उन्हें कोविड से जो भी लाभ मिलने वाला है उन्हें नहीं दिया जाएगा। साथ ही कोविड वैक्सीन का असर सिर्फ एक डोज़ से नहीं होने वाला है, उसके लिए द्वितीय डोज़ ज़रूरी है।

डीएम ने निदेश दिया कि जहां की पॉजिटिव मामला आता है तो वैसे क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन बनाया जाए। यदि 1-2 मामला मिलता है तो मात्र घर को सील करना है यदि 5 से ज़्यादा मिलता है तब वैसे स्थिति में उस क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित करना है। 

डीएम ने सभी पदाधिकारियों को निदेश दिया कि वे अपने कार्यालय में यथा कार्यालय कर्मी य अन्य को बिना मास्क के प्रवेश करने से माना करेंगे। साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी अपने अपने क्षेत्रान्तर्गत मास्क चेकिंग अभियान चलाएंगे। 

डीएम ने सिविल सर्जन को निदेश दिया कि यही कोई परिवार अपने परिवार वालों का कोविड टेस्ट करवाना चाहता है और अस्पताल नहीं जाना चाहता है तो वैसे स्थिति में उनका कोविड टेस्ट ऊके घर पर करने की व्यवस्था की जाए। 

विधि शाखा में चल रहे सीडब्लूजेसी एवं एम जे सी के लंबित मामलों के बारे में जाना।डीएम ने निदेश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन संबंधित पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर करना सुनिश्चित करेंगे।
 
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत डीटीओ ने बताया कि कुल 2331 आवदेन प्राप्त हुआ है जिसमे 1121 आवेदक को लाभ दिया गया है।डीएम ने निदेश दिया कि जितने भी प्रखंड में आवदेन का निष्पादन कम है उनसे स्पष्टीकरण पूछने को कहा। 

आपदा विभाग की समीक्षा में डीएम ने प्रभारी पदाधिकारी आपदा शाखा को निदेश दिया कि जितने भी लोग की मृत्यु आपदा के कारण हुई है, जिसका आवदेन प्रखंड स्तर से प्राप्त हुआ है उनका भुगतान 15 दिनों के अंदर करना सुनिश्चित करेंगे। 

बैठक में उप विकास आयुक्त सुमन कुमार, सिविल सर्जन डॉ० के के राय, ज़िला भू-अर्जन पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, नजारत उप समाहर्त्ता ज़िला परिवहन पदाधिकारी, ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।