शहादत के दो साल बाद भी परिजन के जख्मों को नहीं भर सकी सरकार

 

वाराणसीः पुलवामा हमले की दूसरी बरसी है। देशभर में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया जा रहा है। लेकिन जिन परिवार के लाल इस हमले में शहीद हुए उनके जख्मों को सरकार नही भर सकी हैं। शहीद के परिजन से किए तमाम वादे अब भी अधूरे ही है।

पेट्रोल पंप से लेकर स्मृति द्वार, स्मारक और सड़क बनाने का वादा शहादत के दो साल बाद भी अधूरा ही है। इसको लेकर शहीदों के परिवारों में नाराजगी है।

पुलवामा हमले में शहीद हुए वाराणसी के लाल शहीद रमेश यादव की पत्नी रेनू यादव ने बताया कि शहादत के वक्त सरकार ने शहीदों के परिवार से ढेरों वादे किए थे। लेकिन सरकार के ये वादे सिर्फ वादों तक ही सीमित रह गया। शहादत को आज दो साल पूरे हो गए लेकिन गाँव में न तो उनके याद में स्मारक बना और ना ही स्मृति द्वार,परिवार के खर्च चलाने के लिए पेट्रोल पम्प का वादा भी अधूरा ही है।

रेनू यादव ने बताया कि परिवार की परेशानियों को उन्होने वाराणसी के डीएम को भी पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। लेकिन उस शिकायत पर भी सिर्फ आश्वासन ही हाथ आया है। स्थानीय जन प्रतिनिधि भी अब इन शिकायतों पर अमल नही कर रहे हैं।

पुलवामा हमले को आज दो साल पूरे हो गए हैं। वाराणसी के चौबेपुर के तोफापुर गांव में शहादत के दो साल बाद भी गम का माहौल है। पूरा गांव उनकी शहादत को लेकर गमगीन है।

शहीद रमेश यादव के पिता श्याम नारायण ने बताया कि बेटा सेना में भर्ती हो जाए इसके लिए उन्होंने खेत को गिरवी रखी थी। यह सोचकर कि बेटा नौकरी कर पैसे भर खेत को छुड़ा लेगा लेकिन सेना में भर्ती के कुछ दिन बाद ही उसके शहादत की खबर आई तो सब आस टूट गई।