आयुष्मान पखवाड़ा को लेकर दिया गया कार्यपालक सहायकों को प्रशिक्षण


-जिला में लगभग 20 लाख गोल्डन कार्ड बनाये जाने का रखा गया है लक्ष्य 

-पखवारे में पंचायत स्तर पर कैंप लगा कर तैयार किया जाना है आयुष्मान कार्ड 

-आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपए तक निःशुल्क होगी इलाज की व्यवस्था 

युवा शक्ति संवाददाता

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गया।प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया 17 फरवरी से प्रांरभ होगी। यह अभियान 3 मार्च तक आयुष्मान पखवाड़ा के रूप में चलेगा। पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर चिन्हित लाभार्थियों का आयुष्मान गोल्डन हेल्थ ई कार्ड बनाया जाना है।  इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सोमवार को शहर के जयप्रकाश नारायण अस्पताल के सभागार में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंचायती राज कार्यपालक सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उन्हें लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जेनेरेट करने की प्रक्रिया बतायी गयी। साथ ही उन सभी आवश्यक दस्तावेजों की चर्चा की गयी जिसकी जरूरत कार्ड बनाने के लिए लाभार्थियों से प्राप्त किया जाना है।  इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ कमल किशोर राय, आयुष्मान भारत जिला समन्वयक नलीन मौर्य व प्रशिक्षक के रूप में जिला आइटी मैनेजर रीना व अभिषेक व राकेश कुमार मौजूद थे। 

सिविल सर्जन डॉ कमल किशोर राय ने बताया प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का काम 17 फरवरी से 3 मार्च तक चलेगा।  आयुष्मान कार्ड  निःशुल्क बनाया जायेगा।इसमें बीडीओ, आशा व जीविका से सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया पूर्व में जिला में 1.5 लाख कार्ड बनाये जा चुके हैं। इस काम में तेजी लाते हुए लगभग 20 लाख चिन्हित लाभुकों का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य का प्राप्त करना है। लाभार्थी टॉल फ्री नंबर 14555/ 104 पर अपनी पात्रता जानने के लिए कॉल कर सकते हैं। पखवाड़े के दौरान लाभार्थी का वेरिफिकेशन भी किया जायेगा। साथ ही इन सभी कामों के दौरान कोविड 19 से सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया गया है।

मोबाइल व आधार नंबर के साथ राशन कार्ड जरूरी 

आयुष्मान भारत जिला समन्वयक नलीन मौर्य ने बताया एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 182 पंचायती राज कार्यपालक सहायकों को ट्रेनिंग दी गयी है। आयुष्मान पखवारे के दौरान पात्र लाभार्थी परिवार के सदस्यों को मुखिया, आशा व जीविका दीदी के माध्यम से मोबिलाइज किया जायेगा। लाभुकों को  व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार कार्ड व पारिवारिक सदस्यता सत्यापन के लिए राशन कार्ड का हाउसहोल्ड इंडेक्स नंबर उपलब्ध कराने या प्रधानमंत्री दवारा प्रेषित पत्र मुहैया कराने की जानकारी देते हुए कार्ड बनाने के लिए प्रेरित किया जायेगा।इसके साथ ही परिवार के किसी एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने बताया आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड निःशुल्क बनाया जायेगा।