रोगी कल्याण समिति मगध मेडिकल अस्पताल की बैठक आयुक्त की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित किया गया


गया। अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल गया -सह- आयुक्त, मगध प्रमंडल, मयंक वरवड़े की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति मगध मेडिकल अस्पताल की बैठक आयुक्त मगध प्रमंडल के कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को आयोजित किया गया। बैठक में आयुक्त द्वारा रोगी कल्याण समिति के सदस्यों का स्वागत किया।

बैठक में आयुक्त को दवा की उपलब्धता, पेयजल की उपलब्धता, साफ सफाई की व्यवस्था, शौचालय की साफ सफाई, बायो वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य, एंबुलेंस की उपलब्धता मरीजों के लिए एक्सरे अल्ट्रासाउंड, आर०एन०टी०सी०पी० इत्यादि की उपलब्धता, अस्पताल परिसर में सीसीटीवी की उपलब्धता, अस्पताल परिसर के मेन द्वार पर लाइटिंग साइन बोर्ड लगाने, अस्पताल परिसर में  नए मीटिंग हॉल का निर्माण कराने, नवजात शिशु को देखरेख के लिए ममता का चयन, अस्पताल परिसर में सौंदर्यीकरण एवं कई अन्य बिंदुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।

बैठक में बताया गया कि अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में दवा की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रधानमंत्री जन औषधि के तहत भी मरीजों को दवा उपलब्ध कराया जाता है। सफाई व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में सफाई का कार्य कराया जाता है। बैठक में बताया गया कि अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में लगभग 80 सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित है, जिनमे कुछ सीसीटीवी कैमरे खराब है। आयुक्त ने वैसे खराब सीसी टीवी कैमरे को बदलवाने या नए सिरे से टेंडर कराकर हाई रेगुलेशन वाला कैमरे लगाने हेतु पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया।

बायो वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा में बताया गया कि मगध प्रमंडल के सभी 5 जिलों के अस्पताल से ग्लब्स, डिपोजल मास्क, सिरिंच, स्लाइन की बोतलें, पीपीई किट, यूपीई किट एवं अन्य सामानों को मगध मेडिकल अस्पताल में  बनाए गए प्लांट में ही डिस्पोज किया जाता है। आयुक्त ने अधीक्षक अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल को निर्देश दिया कि प्रतिदिन बायो वेस्ट मैनेजमेंट में डिस्पोज कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में बताया गया कि नवजात शिशु को देखरेख के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में कुल 13 से 14 ममता का चयन किया जाना है। आयुक्त ने अति शीघ्र ममता का चयन कराने का निर्देश दिए। 

बैठक में बताया गया कि बीएमएसआईसीएल के अभियंता द्वारा अन्तः कक्ष  के शौचालय मरम्मति में धीमी प्रगति है। कई महीने बीत जाने के बाद भी कई जगहों पर शौचालय का निर्माण एवं अन्य कार्य लंबित हैं। आयुक्त ने बीएमएसआईसीएल के अभियंता को अति शीघ्र कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिए। 

मरीजों की सुविधा के लिए अल्ट्रासाउंड संचालन एवं आरएनटीसीपी सुविधा को चालू रखने के लिए विभिन्न उपकरणों लगवाने हेतु पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया।

बैठक में अधीक्षक अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए अलग से बोरिंग करा कर पानी सप्लाई कराने हेतु अनुरोध किया गया। आयुक्त ने बीएमएसआईसीएल के अभियंता को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के मेन द्वार के समीप अतिक्रमण रहने के कारण एंबुलेंस एवं मरीजों को आने में असुविधा होती है, अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु अनुरोध किया गया आयुक्त ने अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।

बैठक में बताया गया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 से संक्रमित  मरीजों को बेहतर इलाज के लिए कैटेगरी बनाकर एल-1, एल-2 एवं एल-3 भवन में अलग अलग मरीजों को बेहतर इलाज  के लिए भर्ती किया जाता था। आज की तिथि में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में कोविड-19 के मात्र 1 मरीज ही एडमिट है। आयुक्त महोदय ने  एल-3 वार्ड को हटाकर एल-1 एवं एल-2  वार्ड में ही मरीजो को उपचार कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि एल-3 वार्ड में वैक्सीनेशन या मेडिसिन स्टोर बनाया जाए। 

बैठक में उन्होंने साफ सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन नियमित तौर पर अस्पताल परिसर एवं मरीजों के कमरों का नियमित साफ-सफाई करवाते रहें। अस्पताल परिसर में आने वाले सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को मास्क अनिवार्य रूप से प्रयोग करने हेतु निर्देशित करें।

बैठक में प्रभारी आयुक्त के सचिव सह अपर समहार्त्ता विभागीय जांच संतोष कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षक अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल, विभागाध्यक्ष औषधि, स्त्री रोग सहित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के वरीय चिकित्सक उपस्थित थे।

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