यदि हम मतदान के दिन मतदान नहीं करते हैं तो हम व्यवस्था पर सवाल करने का हक भी खो देते हैं:आयुक्त

-आयुक्त, द्वारा दीप प्रज्वलित कर 11वीं राष्ट्रीय मतदाता दिवस का शुभारंभ किया गया। 

गया।आयुक्त, मगध प्रमंडल, मयंक वरवड़े द्वारा दीप प्रज्वलित कर 11वीं राष्ट्रीय मतदाता दिवस का शुभारंभ गया संग्रहालय के सभागार में सोमवार को किया गया। 

कार्यक्रम में स्वागत भाषण ज़िला शिक्षा पदाधिकारी मो० मुस्तफा हुसैन मंसूरी द्वारा किया गया। आयुक्त  का स्वागत बूके देकर सहायक समाहर्त्ता सौरभ सुमन यादव द्वारा किया गया। 

इस अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संदेश का लाइव वेबकास्टिंग किया गया। आयुक्त, मगध प्रमंडल, द्वारा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा एवं अन्य किसी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जनवरी, 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि 70 वर्षों की सफर में चुनावी व्यवस्था में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव के दौरान इतनी सुविधा एवं सहूलियत प्राप्त नहीं होती थी। धीरे-धीरे सुधार होता गया और आज सभी प्रकार की सुविधा मतदाताओं को प्राप्त है। जब पूरा विश्व कोरोना के संक्रमण की चपेट में था, इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधान सभा का निर्वाचन करने का फैसला लिया गया। निर्वाचन कार्य मे संलिप्त पदाधिकारी, कर्मी एवं मतदाताओं की सुरक्षा एवं बचाव के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर, ग्लव्स, मास्क एवं 2 गज की दूरी के लिए गोल घेरा बनाया गया। साथ ही साथ कोरोना से संक्रमित मतदाताओं के लिए पीपीइ किट की भी व्यवस्था की गई। इसी प्रकार सफल तरीके से निर्वाचन सम्पन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि जब देश को आजादी मिली थी, तब कई विचारधारा थी तो काफी सोच समझकर हमारे स्वतंत्रता सेनानी एवं महापुरुषों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाया। उसमें भी संसदीय प्रणाली को अपनाया और भारत को एक गणराज्य बनाया, जिसमें भारत देश का जनप्रतिनिधि को मतदाता द्वारा चुना जाता है। और इसकी व्यवस्था यह है कि यह बिना किसी भेदभाव किए 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को मताधिकार प्रदान किया गया है। पहले पश्चिमी देशों में जो लोकतांत्रिक व्यवस्था थी। उसमें सभी लोगों को मताधिकार प्रदान किया गया था, साथ ही ब्रिटिश राज्य में भी महिलाओं को बहुत बाद में मताधिकार प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि हमारे यहां लिखित संविधान में इन सभी बातों को समावेश किया गया है और इसके लिए विभिन्न अनुच्छेदों में वर्णन किया गया है। यदि किसी तरह की ऐसी व्यवस्था लागू की जाती है, जिससे लोगों को संदेह या लोगों को लगता है कि यह चीजें संविधान के अनुसार नहीं है तथा कभी कभी केंद्र या राज्य के बीच भी मतभेद होते रहते हैं तो इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। अनेक बार सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के मामले में या विवाद में अपना निर्णय दिए हैं और यही कारण है कि पिछले 70 सालों में हमारा लोकतंत्र पला-बढ़ा ही नहीं बल्कि आगे भी बढ़ा। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका अपने अपने दायित्व दायित्व को पालन करेगी और एक दूसरे को संतुलित करेगा लेकिन एक दूसरे के बीच हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि हम अपने मताधिकार का प्रयोग करें। 5 वर्ष में एक बार मतदान करने का अवसर मिलता है और यदि हम उस दिन मतदान नहीं करते हैं तो हम व्यवस्था पर सवाल करने का हक भी खो देते हैं। खासकर शहरी क्षेत्र में यह सोच रही हैं कि हमारे एक मत न देने से क्या फर्क पड़ेगा, जबकि लोकतंत्र में एक-एक मत महत्वपूर्ण है। मताधिकार का प्रयोग बिना किसी प्रलोभन के, बिना किसी दबाव में आकर करें। उन्होंने कहा कि हमारे यहां मतदाता बनना बहुत आसान है। जबकि बहुत से ऐसे देश है जहां मतदाता बनना मुश्किल है। इसलिए मतदाता सूची में निश्चित रूप से अपना नाम दर्ज कराएं। मतदाता सूची में अगर नाम ही नहीं रहेगा तो आप मताधिकार कैसे करेंगे। हमारे देश में ये सुविधा प्रदान की जा रही है। हमारा देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए 3 महीने पहले से ही तैयारी शुरू की जाती है, आचार संहिता लागू होता है, मतों की संख्या संख्या बढ़ाने के लिए स्वीप (SVEEP) के तहत अनेक कार्यक्रम कराए जाते हैं और सभी के लिए चाहे राजनीतिक दल हो या चुनाव लड़ने वाला कोई व्यक्ति हो, सभी के लिए हरेक गतिविधि के लिए समान नियम बनाए गए हैं। मतदान के दौरान हर सुविधा दी गई है तथा यह प्रयास किया गया है कि एक भी मतदाता न छूटे।

इस अवसर पर बेलागंज के बी०एल०ओ० मो० अफरोज आलम, शेरघाटी के बीएलओ रामजी भुइया को बेहतर कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया, साथ ही 11 नए मतदाताओं को ईपिक दिया गया। जिनमें आसिफ खान, राहुल रंजन, निखिल कुमार, नेहा कुमारी, सुनीता कुमारी इत्यादि शामिल हैं।

इस अवसर पर सहायक समाहर्त्ता सौरभ सुमन यादव, उप विकास आयुक्त सुमन कुमार, अपर समाहर्त्ता, मनोज कुमार, ज़िला भू-अर्जन पदाधिकारी राम निरंजन चौधरी, उप निर्वाचन पदाधिकारी मथुरा बड़ाईक, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी मो• मुस्तफा हुसैन मंसूरी, निदेशक, डीआरडीए संतोष कुमार, ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी, सुनील कुमार, नजारत उप समाहर्त्ता शैलेश दास, ज़िला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, इंद्रवीर कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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