बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर पूरे विधि विधान के साथ पंचतत्व में विलीन हुआ

युवा शक्ति संवादाता 

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टिकारी/गया। क्षेत्र के जय नंदन बिगहा निवासी बीएसएफ जवान जय प्रकाश यादव उर्फ जय का पार्थिव शरीर पूरे विधि विधान के साथ पंचतत्व में विलीन हुआ। साथी की अंतिम विदाई के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से साथी का अंतिम दर्शन कर विदाई दिया। जय के इकलौते पुत्र 4 वर्षीय आदित्य ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और अपने दादा को उतरी सौंपा। वहीं बीएसएफ के जवानों ने शोक सलामी देकर जवान को विदा किया।  

हजारों की संख्या में लोग पहुँचे

बीएसएफ में रेडियो ऑपरेटर के पद पर तैनात जय प्रकाश यादव का पार्थिव शरीर जैसे ही पंचानपुर पहुँचा युवाओं की टोली हाथ मे तिरंगा लिए और भारत माता की जयकारा लगाते हुए अंतिम यात्रा में शामिल हुए। जय की शव यात्रा पंचानपुर से बेल्हड़िया मोड़, मुख्य पथ होते हुए जयनंदन बिगहा पहुँचा। जैसे जैसे जय की शव यात्रा बढ़ते जा रही थी वैसे वैसे लोग अंतिम दर्शन को शव यात्रा में शामिल होते जा रहे थे। 

शव पहुँचते ही मचा कोहराम

बीएसएफ के शव वाहन से जैसे ही जय का शव घर पहुँचा परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। जय के पिता बिन्दा यादव शव से लिपट विलाप करते रहे वहीं उनका पुत्र मासूम निगाहों से सबको निहार रहा था। जय की माँ, उनकी पत्नी सहित अन्य परिजन बेसुध थे। शव को अंतिम दर्शन के लिए रखकर पुनः गाँव के श्मशान घाट पर ले जाया गया जहां बीएसएफ के जवानों ने शोक सलामी दी। विधि विधान के अनुसार सभी परंपराओं को निभाते हुए पंचतत्व में विलीन किया गया। शव के अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय एसएचओ सह एएसपी रौशन कुमार, बीडीओ वेद प्रकाश सहित अन्य अधिकारी जय के घर पहुंचे और शोक प्रकट की। 

बुधवार को ब्रेन हैमरेज के कारण जय की हुई थी मौत

जानकारी हो कि छुट्टी पर घर आये जय प्रकाश को मंगलवार की देर रात्रि अचानक ब्रेन हैमरेज कर गया था। जिसके बाद इलाज के लिए रांची जाने के क्रम में जय की अचानक मौत हो गई। जय अपने पीछे अपनी पत्नी व दो बेटी व एक बेटा को अकेला छोड़ गये। जय के माता पिता अपने इकलौते पुत्र के खोने के गम मे बेसुध पड़े थे।

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