मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी के लिए नीतीश कुमार ने बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार

मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. नीतीश कुमार ने कहा है कि गुरुवार को बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के साथ उनकी मुलाकात हुई मगर इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार या फिर किसी प्रकार की कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई.

नीतीश ने मीडिया में चल रही खबरों को भी गलत बताया जहां पर इस बात का दावा किया गया था कि भूपेंद्र यादव और संजय जायसवाल ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नीतीश कुमार से मुलाकात की है. मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी के लिए नीतीश कुमार ने सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया.

नीतीश कुमार ने कहा, “नेताओं के साथ केवल गपशप हुई. किसी भी प्रकार की कोई राजनीतिक बात नहीं हुई. मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी देर पहले कभी नहीं होती थी. हम तो शुरुआत में ही मंत्रिमंडल विस्तार कर देते थे. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जब तक उन लोगों (बीजेपी) की राय नहीं आ जाएगी. जब उन लोगों की रिपोर्ट आ जाएगी तब हो जाएगा विस्तार, फिलहाल मंत्रिमंडल में कुल मिलाकर 14 लोग हैं",

बता दें कि इस वक्त बिहार सरकार में ऐसे कई मंत्री हैं जिनके पास 5 से 6 विभाग की जिम्मेदारी है जिसकी वजह से लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर रहे हैं ?

इससे पहले भी नीतीश कुमार से जब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने इसके लिए हो रही देरी के लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि जब तक बीजेपी की तरफ से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पहल नहीं होती है तब तक मंत्रिमंडल का विस्तार संभव नहीं है.

ऐसे में इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि 14 जनवरी के बाद नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं लेकिन शुक्रवार के उनके बयान से एक बार फिर से सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या 14 जनवरी के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार संभव हो पाएगा ?

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