नक्सलियों के इलाके में धधक रही महुवा शराब की भट्ठी, शराब की चुलाई नक्सलियों का है आर्थिक स्रोत


देव एवं मदनपुर थाना का दक्षिणी क्षेत्र भाकपा माओवादी नक्सलियों का इलका माना जाता है। यह माना जाता है कि इलाके का जंगल और पहाड़ नक्सलियों का सेफ जोन है और इस जोन में नक्सलियों का ही बोल बाला है पर आज यह इलाका महुवा शराब की भट्ठी से धधक रहा है।

नक्सली इलाके में बड़े पैमाने पर महुवा से शराब बनाने का धंधा हो रहा है। इस धंधे से शराब के धंधेबाजों के अलावा नक्सलियों को आर्थिक स्रोत का मामला सामने आया है। देव थाना पुलिस ने रविवार को थाना क्षेत्र के बरहा, नारायणपुर, चरैया, मुर्गारा, चिनगी समेत अन्य नक्सल क्षेत्र के गांवों में छापामारी की तो जंगल में संचालित करीब 25 महुआ शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया। सभी भठियों में आग जल रहे थे और महुवा से शराब बनाया जा रहा था। पुलिस को इतने बड़े पैमाने पर महुवा से शराब बनाने का धंधा देख होश उड़ गया। नक्सलियों के इस इलाके में शराब के इतने बड़े पैमाने पर हो रहे धंधे से सीआरपीएफ व जिला पुलिस के इस इलाके में की जाने वाली छापामारी पर भी सवाल उठ रहा है।

बताया जा रहा है की नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर सीआरपीएफ व जिला पुलिस इस इलाके में नियमित छापामारी करती है तो फिर इस इलाके में महुवा से शराब बनाने का इतना बड़ा धंधा कैसे हो रहा है। पुलिस व इलाके के ग्रामीण इस बात को मानते हैं की इस इलाके में नक्सलियों के सहयोग के बिना यह धंधा नहीं हो सकता है। नारकोटिक्स के एक वरीय अधिकारी ने बताया की नक्सली अपनी आर्थिक स्रोत को मजबूत करने के लिए अपने इलाके में गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों की खेती कराते हैं, शराब का धंधा कराते हैं।

उधर देव थानाध्यक्ष वंकटेश्वर ओझा ने बताया की के नेतृत्व में एएसआई देव थाना की पुलिस टीम बाइक पर सवार होकर जंगली इलाको में स्थित चिनगी गांव के पास जंगल व  नदी के तट पर छापेमारी और महुवा शराब भट्ठी को ध्वस्त किया गया। इसके बाद चरैया ,मुरगाड़ा,  बरहा , नारायणपुर गांव के पास जंगल की झाड़ियों में अवैध रूप से संचालित शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया गया।

बताया की छापामारी की भनक लगते ही  शराब के धंधेबाज जंगल में भागने में सफल रहे। मौके पर भारी मात्रा में शराब , शराब बनाने का उपकरण आदि को जब्त करते हुए जंगल में ही नष्ट कर दिया गया। बताया गया की करीब 5000 लीटर शराब को नष्ट किया गया है। बता दें कि नक्सलियों के लाल इलाको में स्थित चरैया , मुर्गाडा, नारायणपुर,बरहा, चिनगी सहित अन्य गांवों के पास जंगल में बड़े पैमाने पर हो रही शराब का धंधा तभी रुकेगा जब नियमित इसके खिलाफ छापामारी की जाएगी।


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